आमतौर पर यह माना जाता है कि बॉलीवुड में सफल होने के लिए हीरो या एक्टर को बिना मूंछों के होना चाहिए. बॉलीवुड के इतिहास में देखें तो सिर्फ दो ही एक्टर मूंछों के साथ सफल रहे हैं. इसमें पहला नाम जैकी श्रॉप और दूसरा अनिल कपूर का है. इन दोनों एक्टर्स ने 80-90 के दशक में यह साबित किया कोई हीरो मूंछ के साथ भी सफल हो सकता है. अनिल कपूर को शुरुआती दिनों में एक बड़े डायरेक्टर ने साफ कह दिया था कि वह मूंछों के साथ सफल नहीं हो सकते. हालांकि, अब वह भी लीड रोल में गजब का परफॉर्म कर रहे हैं.
बॉलीवुड के ‘मिस्टर इंडिया’ यानी अनिल कपूर 66 साल की उम्र में भी बेहतरीन रोल्स के जरिए लोगों के दिलों में छाए हुए हैं. 30 जून को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उनकी वेब सीरीज ‘द नाइट मैनेजर’ का दूसरा पार्ट आने वाला है. पहले पार्ट में उनके शैलेंद्र रूंगटा का किरदार काफी प्रभावी रहा.
अनिल कपूर ने 40 साल पहले 1983 में ‘वो सात दिन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था. उनके पिता सुरेंद्र कपूर और भाई बोनी कपूर नामी-गिरामी फिल्म प्रोड्यूसर रहे हैं. हालांकि, अनिल के लिए बॉलीवुड का सफर आसान नहीं रहा है. शुरुआत में उन्हें मनमोहन देसाई जैसे बड़े डायरेक्टर ने सिर्फ मूंछों की वजह से नकार दिया था.
अनिल कपूर ने इसका जिक्र एक बार अनुपम खेर के टीवी शो ‘The Anupam Kher Show’ में किया था. उस शो में अनिल कपूर ने कहा था कि एक बार डायरेक्टर मनमोहन देसाई साहब ने उनसे कहा था कि मूंछों वाला एक्टर कभी कामयाब नहीं हो सकता.
इस शो में उन्होंने खुलासा किया, “मैं मनमोहन सर का बहुत बड़ा फैन रहा हूं. अक्सर वह अमिताभ बच्चन के साथ फिल्में बनाते थे. एक बार उन्होंने जैकी श्रॉप को साइन किया तो मुझे बेहद अजीब लगा.
जैकी को फिल्म में लेने पर अनिकल कपूर बेहद हैरान हुए. अनिल कपूर ने कहा कि उन्हें मनमोहन देसाई ने कहा था कि तू एक्टर है, लेकिन स्टार नहीं बन सकता क्योंकि तेरी मूंछें हैं. यह बात अनिल कपूर ने अपने दिल पर ले ली. इसके बाद उनकी फिल्म ईश्वर हिट साबित हुई. तब मनमोहन देसाई ने खुद अनिल को ऑफिस बुलाया और बहुत तारीफ की.
बाद में चलकर अनिल कपूर ने बॉलीवुड करियर में एक से बढ़कर फिल्में दी है. इस लिस्ट में ‘मेरी जंग’ (1985), तेज़ाब (1988),मशाल (1984), लम्हे (1991),विरासत (1997),परिंदा (1989), नायक: द रियल हीरो (2001), मिस्टर इंडिया (1987 ), बेटा (1992), लाडला (1994), ताल (1999), वेलकम 2007 और जुग जुग जियो (2022) हैं.









