यह ऐसा फल है जिसका नाम हममें से अधिकांश लोगों ने सुना भी नहीं होगा, लेकिन यह फल बेहद बेशकीमती है जिसमें औषधीय गुणों का खजाना छुपा है. फोटो में यह देखने में कटहल का छोटा भाई लगता है लेकिन अंदर से यह बिल्कुल अलग होता है. जब इसे पकाया जाता है तो इसका स्वाद ब्रेड की तरह लगता है. इसलिए इस फ्रूट का नाम ब्रेड फ्रूट रखा गया है. हिन्दी में इसे कई नामों से जाना जाता है. इनमें नीरफणस सबसे ज्यादा प्रचलित है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर में कामिनेनी अस्पताल हैदराबाद में सीनियर डायटीशियन एन लक्ष्मी कहती हैं कि ब्रेडफ्रूट दक्षिण प्रशांत क्षेत्रों में पाए जाने वाला फ्रूट है लेकिन आजकल यह दुनिया के अधिकांश हिस्सों में उगाया जाने लगा है. यह जब पकता है तब इसके अंदर सॉफ्ट और कस्टर की तरह गूदा होता है और देखने में अंदर से आलू की तरह होता है. इसका स्वाद शकरकंद की तरह है. इसे ब्रेड, राइस या गेंहू के विकल्प के तौर पर खाया जा सकता है.
ब्रेडफ्रूट के फायदे
एन लक्ष्मी कहती हैं कि ब्रेडफ्रूट को डाइट में शामिल करने के अनेक फायदे हैं. इसमें प्रचूर मात्रा में स्टार्च मौजूद होता है जो बहुत जल्दी शरीर को एनर्जी से भर देता है. इसके साथ ही इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन को बूस्ट करता है. सबसे खास बात यह है कि ब्रेडफ्रूट इम्यूनिटी को मजबूत करने में बहुत कारगर है. इससे दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा टल जाता है और वजन भी नियंत्रण में रहता है. ब्रेडफ्रूट को कई तरह से खाया जाता है. इसे पकाकर भी खाया जा सकता है और उबाल कर भी खाया जा सकता है. यह ग्लूटेन फ्री है, इसलिए इससे ग्लूटेन फ्री आटा भी बनाया जा सकता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.
सीमित मात्रा में करें सेवन
ब्रेडफ्रूट का टेक्सचर आलू की तरह होता है, इसलिए इसे काटकर इसे उबाला जाता है. इसके बाद इसे ग्रिल या पैन कुक्ड किया जा सकता है. इसकी करी भी बनाई जा सकती है. हालांकि इसमें अत्यधिक मात्रा में फाइबर होता है, इसलिए इसका सीमित सेवन करना ही फायदेमंद है. ब्रेडफ्रूट की स्किन में लेटेक्स बहुत ज्यादा होता है, इससे एलर्जी हो सकती है. इसमें बहुत ज्यादा स्टार्च होता है जिससे डाइजेशन संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं.









