एक धर्म जो सभी को समान रूप से देखता है, किसी को छोटा या बड़ा नहीं मानता. सभी से प्रेम करता है, चाहे वो किसी भी धर्म का हो, किसी भी जाति का हो, मानव ही नहीं पशु-पक्षी भी उनके पास आकर खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं. उनका एक ही धर्म और एक ही नारा है- अहिंसा परमो धर्म. हम बात कर रहे हैं जैन धर्म के बारे में. मध्य प्रदेश के विदिशा में देश का सबसे बड़ा जैन मंदिर का निर्माण किया जा रहा है. यहां आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने चातुर्मास किया था. उसी समय इस मंदिर की नींव रखी गई थी.
अशोक जैन ने बताया कि वर्ष 2008 से यहां जैन मंदिर निर्माण काम चल रहा है. जैन समाज के तीर्थंकर शीतलनाथ भगवान की भूमि के रूप में सभी के बीच प्रसिद्ध है. मंदिर का निर्माण अब पूरा होने वाला है. यह जैन मंदिर 35 करोड़ रुपये की लागत से बन कर तैयार होगा. इसकी ऊंचाई 108 फीट होगी जिससे इसे देश के सबसे बड़े जैन मंदिर की रूप में पहचान मिलेगी.
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ने किया था चतुर्मास
जैन समाज के अनुयाइयों का मानना है कि वर्षा ऋतु में चतुर्मास का आरंभ होता है. बारिश होने के कारण सभी रास्ते बंद हो जाते हैं. साथ ही, जीव-जंतुओं भी बारिश होने के कारण निकलने लगते हैं, और रास्ते में आते है. अतः जीवो की रक्षा और संयम साधना के लिए चार महीने तक साधु सदस्यों को एक स्थान पर रुकने का विधान है. आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज यहां चार महीने तक रुके थे.
जैन मंदिर में क्या है खास
18 बीघा भूमि में फैले शीतल धाम को जैन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा. यह देश का सबसे बड़ा जैन मंदिर होगा, इसे बनाने के लिए राजस्थान के जैसलमेर से लाल और पीले पत्थरों को मंगाया जा रहा है. इन पत्थरों को तराश कर मंदिर को नया रूप दिया जाएगा. मंदिर देखने में आपको वास्तु कला का नायाब उदाहरण लगेगा, जो एक साल में बन कर तैयार हो जाएगा.









