ब्रा में छिपा कैमरा, ऑटो में बैठकर बहन बता रही उत्तर, PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का NSUI नेता विकास ठाकुर ने किया पर्दाफाश

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बिलासपुर : ब्रा में छिपा कैमरा: PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. एक युवती ने परीक्षा हॉल में प्रवेश करते समय अपने ब्रा में कैमरा और डिवाइस छिपाकर रखा था. परीक्षा के दौरान जब NSUI नेता विकास सिंह ठाकुर ने पोल खोली तो हड़कंप मच गया. यह मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को सरकंडा स्थित रामदुलारे शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में एग्जाम सेंटर के अंदर एक अभ्यर्थी एग्जाम दे रही थी. वह अपने अंडरगार्मेंट्स में स्पाई कैमरा छिपाकर ले गई थी. प्रश्न पत्र को स्कैन कर अपनी बहन को भेज रही थी. वहीं बाहर बैठी बहन वॉकी-टॉकी की मदद से उत्तर बता रही थी. इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद नकल का केस बनाकर युवतियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है.
दरअसल, PWD में असिस्टेंट इंजीनियर के 113 पदों के लिए रविवार को व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की तरफ से भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. सरकंडा के उच्चतर माध्यमिक शाला में परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक चली.
इसी एग्जाम सेंटर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर अभ्यर्थी अनुसूर्या परीक्षा देने आई थी. एग्जाम सेंटर में तय समय से यानी 10 बजे परीक्षा शुरु हुई. तभी अनुसूर्या स्पाई कैमरा को अंडरगार्मेंट्स में छिपाकर रखी थी. बाहर बैठी अनुराधा अनुसूर्या के पास रखे कैमरे से प्रश्नों को देख रही थी. गूगल में सर्च कर वॉकी-टॉकी की मदद से आंसर बता रही थी. बता दें कि प्रदेश भर के जिलों में सेंटर बनाए गए. जहां तकरीबन 14 हजार प्रतियोगी शामिल हुए.
NSUI नेता विकास सिंह ठाकुर ने बताया कि दो युवतियों ने रेलवे स्टेशन से उनके परिचित के टैक्सी ड्राइवर को रामदुलारे दुबे स्कूल पहुंचाने के लिए बुक किया था. स्कूल पहुंचने के बाद एक लड़की ने उसे स्कूल के बाजू में कार लगाकर रखने को कहा. साथ ही इसके लिए उसे किराया देने की बात कही. पहले तो ड्राइवर राजी हो गया.
लेकिन, जब कार में बैठी युवती वॉकी टॉकी और टेबलेट जैसे डिवाइस निकाली. तब वो डर गया और इंकार कर दिया। जिसके बाद युवतियों ने ऑटो किराए पर लिया. फिर ऑटो में डिवाइस निकालकर नकल कराने लगी. दूसरी युवती अंदर एग्जाम सेंटर में अंडरग्रारमेंट्स में स्पाई कैमरा लेकर गई थी. जिसके जरिए से प्रश्न पेपर को बाहर टेबलेट पर दिखा रही थी. बाहर बैठी युवती माइक्रो ईयरफोन से उसे सवाल हल करा रही थी.
NSUI नेता विकास ठाकुर ने जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया। उसके बाद NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय सहित कांग्रेस नेताओं की भीड़ पहुंच गई. उनका आरोप है कि एग्जाम सेंटर में इस तरह से सुनियोजित तरीके से हाईटेक नकल कराया जा रहा था.
एग्जाम सेंटर में कड़ी सुरक्षा रहती है और प्रतियोगियों की जांच की जाती है. इसके बाद भी छात्रा डिवाइस लेकर कैसे एग्जाम सेंटर पहुंच गई. नेताओं ने प्रतियोगी के साथ ही परीक्षा केंद्राध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की.
उनका आरोप है कि इस तरह की गड़बड़ी प्रदेश के दूसरे सेंटर में भी हुई होगी. जिसकी जांच की जानी चाहिए. नेताओं के विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद परीक्षा केंद्र प्रभारी ने नकल प्रकरण बनाने के साथ ही सरकंडा थाने में केस दर्ज कराया है. जिस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
जांच के दौरान युवती के अंदर पहने वस्त्रों में सूक्ष्म कैमरा और ईयर डिवाइस पाए गए. हाईटेक डिवाइस लेकर नकल करने वाली प्रतियोगी अनुसूर्या छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर की रहने वाली है. उसकी बहन अनुराधाबाई एग्जाम सेंटर के बाहर हाईटेक डिवाइस से लगाकर उसे नकल करा रही थी.
हाईटेक नकल का जब टैक्सी ड्राइवर को एहसास हुआ. उसने स्कूल के बाजू में टैक्सी खड़ी करने से मना किया और युवतियों की गतिविधियों को देखा. तब वो उन्हें उतारकर चला गया. जिसके बाद उसने फौरन अपने परिचित के NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) नेता विकास सिंह को इसकी खबर दे दी.
खबर मिलते ही NSUI नेता विकास ठाकुर अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गया. उसने युवती की गतिविधियों को देख लिया. उसके पास लैपटॉप, टैब, माइक्रो ईयर डिवाइस, वायरलेस ट्रांसमीटर, और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मौजूद थे. जिसका वीडियो बनाकर विकास सिंह ने सोशल मीडिया में शेयर कर दिया. फिर एग्जाम सेंटर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी.
NSUI नेताओं ने जब सेंटर में हंगामा मचाया. तब छात्रा अनुसूर्या की तलाशी ली गई. जिसके बाद उन्होंने FIR की मांग की. तब मामले को दबाने की कोशिश शुरु हो गई. उनका आरोप है कि सरकार के संरक्षण में यह सब हो रहा है.
सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि प्रतियोगी छात्रा से एग्जाम सेंटर में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किया गया है. जिसके बाद केंद्राध्यक्ष पी मंडल ने एफआईआर दर्ज कराई है. प्रतियोगी छात्रा और उसकी बहन नकल कर रही थी. शुरुआती पूछताछ में छात्राओं ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदने की बात कही है.
इस मामले में संगठित अपराध का केस भी दर्ज किया गया है. पूरे मामले की जांच चल रही है. मामले में गिरोह के शामिल होने की भी जांच की जाएगी. फिलहाल, अभी तक की जांच और पूछताछ में कोई गैंग का पता नहीं चला है.
इस घटना ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और नकल रोकने के उपायों की पोल खोल दी है. जहां एक ओर छात्र अपने भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. वहीं इस तरह की हाईटेक नकल की घटनाएं ईमानदार छात्रों के भविष्य को खतरे में डालती हैं.

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