बिलासपुर/तारबाहर : बिलासपुर जिला के तारबाहर थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेता को जान से मारने की साजिश के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सुपारी के लिए रकम उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी नवीन पटेल को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने श्याम कश्यप की हत्या कराने के इरादे से पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक दीपक तिवारी को पैसे उपलब्ध कराए थे. तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई से मामले की साजिश की अहम कड़ी सामने आई है.
पुलिस के मुताबिक मामले की शुरुआत 4 जुलाई 2026 की सुबह हुई. प्रार्थी शिशिर कश्यप अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गया था. इसी दौरान उसके पिता ने फोन कर बताया कि सुबह करीब 6:45 बजे वे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे. और रेलवे अस्पताल के पास पहुंचे ही थे कि तीन अज्ञात युवक मुंह पर कपड़ा बांधे हुए डंडे और नुकीली वस्तु लेकर पहुंचे. आरोपियों ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और उनके साथ मारपीट की.
घटना की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाने में अपराध क्रमांक 221/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले में धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109 और 55 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है.
मामले की जांच में पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. इसके साथ ही तकनीकी सबुतों के आधार पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई. पुलिस ने संदेहियों से जुड़े सबूत जुटाते हुए मामले की कड़ियां जोड़ना शुरू किया.
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही नितिन टेकाम, साहिल सोनकर और नाबालिग बालक को गिरफ्तार किया. तीनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत भेजा गया.
इसी बीच जांच आगे बढ़ने पर पुलिस की निगाह तेलीपारा निवासी नवीन पटेल पर पहुंची. पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसने श्याम कश्यप की हत्या कराने के लिए दीपक तिवारी को रकम उपलब्ध कराई थी.
नवीन पटेल की गिरफ्तारी को पुलिस की जांच में अहम कामयाबी माना जा रहा है. क्योंकि इससे हमले के पीछे कथित तौर पर मौजूद आर्थिक लेन-देन और साजिश की कड़ी सामने आई है. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. पूछताछ और मिले सबूतों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
इस कार्रवाई से यह भी साफ हुआ है कि मामला महज अचानक हुए विवाद या मारपीट तक सीमित नहीं था. बल्कि पुलिस जांच में पूर्व नियोजित तरीके से हमला कराने की साजिश की दिशा में अहम सबूत सामने आए हैं.
पुलिस की इस कार्रवाई में तकनीकी सबूत, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ को अहम आधार बनाया गया. मामले में आगे भी साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है. तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम की इस कार्रवाई को मामले की साजिश का पर्दाफाश करने की दिशा में अहम कामयाबी माना जा रहा है.
2026-08-23










