पांच लाख की सुपारी में रची मर्डर की साजिश, मॉर्निंग वॉक पर निकले व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर फरार आरोपी आंचल को गिरफ्तार कर भेजा जेल

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बिलासपुर : पांच लाख रुपये की फिरौती के लालच में एक व्यक्ति की हत्या की साजिश रची गई और उसे रास्ते से हटाने के इरादे से तीन लोगों ने हमला कर दिया। चेहरे पर कपड़ा बांधकर पहुंचे हमलावरों ने सुबह की सैर पर निकले व्यक्ति को रोककर गाली-गलौज की और डंडे और नुकीली वस्तु से जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद फरार एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले में पहले ही एक आरोपी और नाबालिग पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक 4 जुलाई की सुबह शिशिर कश्यप अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर घर लौट रहा था. तभी उसके पिता के साथ हुई वारदात की जानकारी मिली. उनके पिता सुबह करीब सात बजे के आसपास मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. रेलवे अस्पताल के पास तीन अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट शुरू कर दी. हमलावर वारदात के बाद मौके से फरार हो गए.
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस टीम उस मोटरसाइकिल तक पहुंची. जिसका इस्तेमाल वारदात में हुआ था. इसके बाद संदेहियों की पहचान कर उनके बारे में सबूत जुटाए गए.
जांच में सामने आया कि गौरेला-पेंड्रा निवासी दीपक तिवारी ने बिलासपुर के एक व्यक्ति की हत्या के लिए आरोपियों को पांच-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया था. इसी लालच में आरोपी बिलासपुर पहुंचे और कथित तौर पर दीपक तिवारी के इशारे पर मॉर्निंग वॉक पर निकले व्यक्ति को निशाना बनाया.
पुलिस ने पहले आरोपी नितिन टेकाम और एक नाबालिग बालक से पूछताछ की. पूछताछ और तकनीकी सबूतों से मिली जानकारी के आधार पर फरार आरोपी आंचल साहिल बोले उर्फ साहिल सोनकर की तलाश तेज कर दी गई. मुखबिर से खबर मिलने पर पुलिस ने उसके घर पहुंचने की जानकारी जुटाई और घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया.
पूछताछ में आरोपी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर श्याम कश्यप पर डंडे से हमला करने की बात कबूल की. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल डंडा भी बरामद कर लिया. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है.
सुपारी कांड में पुलिस की जांच अभी बाकी
इस मामले में एक आरोपी और एक नाबलिफ बालक की गिरफ्तारी के बाद फरार आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम कड़ी मानी जा रही है. पांच-पांच लाख रुपये के लालच में मर्डर की साजिश रचने की बात सामने आने के बाद अब पुलिस की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि सुपारी किसने दी, मर्डर के लिए किसे निशाना बनाया गया था और इस साजिश के पीछे असल वजह क्या थी.
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर तिवारी, उपनिरीक्षक रामनरेश यादव, आरक्षक महेंद्र सोनकर, रूपलाल चंद्रा, भागीरथी गेदले और साइबर टीम की अहम भूमिका रही.

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