सावन में इस पेड़ पर बांधें 7 हरी चूड़ियां, भगवान शिव-माता गौरी की बसरेगी कृपा

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सावन का महीना 4 जुलाई से शुरू हो चुका है. यह महीना हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र माना जाता है, क्योंकि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. कहा जाता है कि इसी महीने भगवान पृथ्वी पर आते हैं और जो जैसा कर्म करता है, उसको वैसा फल देते हैं. सावन में शिव पूजन सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा करने से उत्तम फलों की प्राप्ति होती है.

शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव देवों के देव हैं और माता पार्वती जगत जननी आदिशक्ति हैं. ऐसे में शिव-पार्वती के मिलन से ही इस ब्रह्माण का निर्माण हुआ है. भगवान शिव की पूजा के साथ माता पार्वती की पूजा जरूर करनी चाहिए. ऐसा करने से महादेव और माता पार्वती दोनों की असीम कृपा बरसती है. यदि किसी पति-पत्नी में क्लेश रहता है तो 7 चूड़ियां पेड़ में बांधने का उपाय कर सकते हैं. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषिकांत मिश्र से जानते हैं माता गौरा को प्रसन्न करने का तरीका और घर से दरिद्रता दूर करने का उपाय-

बेहद आसान है शिव को प्रसन्न करना

शिव जी को प्रसन्न करना सबसे आसान है. इसके लिए आप मात्र एक लोटा शुद्ध जल चढ़ाकर भी उन्हें खुश कर सकते हैं. हालांकि, जल चढ़ाते वक्त ‘ओम नम: शिवाय’ का जाप करना जरूरी होता है. सावन मास प्रेम का महीना भी माना जाता है. माना जाता है कि इसी महीने में माता पार्वती ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी. इससे प्रसन्न होकर ही भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया था.

मंगला गौरी व्रत बेहद शुभ

भगवान शिव माता गौरा के बिना अधूरे माने जाते हैं, इसलिए शिवजी के साथ माता पार्वती की पूजा जरूर करना चाहिए. सावन में कई महिलाएं मंगला व्रत भी रखती हैं, ताकि माता पार्वती से उन्हें सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त हो सके. माता पार्वती की कृपा जिस स्त्री पर होती है, उसकी सारी पीड़ा नष्ट हो जाती है.

हरे रंग के श्रृंगार का विशेष महत्व

सावन माह में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है. माना जाता है कि जब भगवान शिव माता पार्वती को धरती लोक में लेने आए थे तो मां ने हरियाली का श्रृंगार करके ही विवाह किया था. ऐसे में यदि आप हरे रंग का श्रृंगार करती हैं तो इससे आपके और आपके पति के प्रेम संबंध मजबूत होते हैं. इसके लिए आप हरे रंग के कपड़े, हरी चूड़ियां या फिर बिंदी लगा सकती हैं. हालांकि, सावन महीने में काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए. इस रंग के कपड़े पहनने से नकारात्मक शक्तियां परेशान करती हैं.

इस पेड़ के नीचे पूजन के बाद बांधें चूड़ियां

सावन महीने में पूजा का महत्व तो है ही साथ में एक और भी कार्य करेंगे तो आपकी तरक्की और खुशहाली लगातार बढ़ती रहेगी. बिगड़े काम भी बन जाएंगे. ऐसे में यदि पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंध ठीक नहीं हैं या घर में दरिद्रता का वास है तो बेल के पेड़ के नीचे जरूर पूजा करनी चाहिए. यहीं पर पूजा के दौरान बेल के पेड़ में हरे रंग की 7 चूड़ियां बांधनी चाहिए. ऐसा करने से भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती दोनों की कृपा होती है. इससे गृहस्थ जीवन में सुधार होता है.

 

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