सुशासन तिहार की शिकायत पड़ी भारी, लापरवाही पर पटवारी निलंबित, जनपद पंचायत का कर्मचारी सस्पेंड, 8 तहसीलदारों को नोटिस जारी

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8 तहसीलदारों को नोटिस जारी
सारंगढ़-बिलाईगढ़ : राजस्व कार्यों, एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन और समय-सीमा बैठक में सौंपे गए कार्यों के क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने के मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने आठ तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं.
जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उनमें उप तहसील कोसीर के तहसीलदार शनि कुमार पैकरा, सारंगढ़ के तहसीलदार खोमन लाल धु्रव, एवं सहायक तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा, सरसीवा के तहसीलदार मोहन साहू, भटगांव की तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल, बरमकेला के तहसीलदार पुष्पेंद्र राज, बिलाईगढ़ के तहसीलदार कमलेश सिदार तथा सरिया की तहसीलदार कोमल साहू शामिल हैं.

जनपद पंचायत का कर्मचारी सस्पेंड
सुकमा : सुकमा जिले में प्रशासन ने अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के मामले में सख्त कार्रवाई की है. जनपद पंचायत के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. शिकायतें जिला पंचायत की सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई थीं.
आरोप है कि स्थानांतरण आदेश के बावजूद संबंधित कर्मचारी ने नए पदस्थापना स्थल पर नियमित कार्यभार नहीं संभाला. इसके बावजूद पुराने कार्यालय में कामकाज जारी रखा गया. जांच में वित्तीय लेन-देन और चेक जारी करने से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं. बार-बार चेतावनी के बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं होने की बात कही गई है.

सुशासन तिहार की शिकायत पड़ी भारी, लापरवाही पर सरिया के पटवारी निलंबित
बिलाईगढ़ : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एक पटवारी पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सरिया तहसील में पदस्थ पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. यह कार्रवाई आम नागरिकों के कार्यों का समय पर निराकरण नहीं करने, क्षेत्र में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने की शिकायतों की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद की गई.
20 मई को ग्राम पुजेरीपाली में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों ने पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं. ग्रामीणों का आरोप था कि संबंधित पटवारी अपने हल्के में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं. फोन कॉल का जवाब नहीं देते हैं और राजस्व से जुड़े मामलों का समय पर निराकरण नहीं करते हैं. ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच के दौरान शिकायतों की पुष्टि हुई और यह पाया गया कि पटवारी की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं थी. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि राजस्व संबंधी कई मामलों में अनावश्यक विलंब हो रहा था. जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था.
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि तहसीलदार, सरिया ने पहले भी विभागीय कार्यों में लापरवाही को लेकर पटवारी को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया था. बावजूद इसके उनके कार्य करने के तरीके में कोई सुधार नहीं हुआ. विशेष रूप से नक्शा बटांकन सहित अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने को गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. इसके बाद कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने उपलब्ध जांच प्रतिवेदन और विभागीय अभिलेखों के आधार पर पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत को निलंबित करने का आदेश जारी किया.
प्रशासनिक आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान वीरेंद्र सिंह राजपूत का मुख्यालय तहसील कार्यालय बरमकेला निर्धारित किया गया है. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.

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