रायपुर : दिल्ली के जंतर-मंतर से सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को हटाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के रायपुर में रविवार को युवाओं ने उनके समर्थन और पेपर लीक मुद्दे पर प्रदर्शन किया. बड़ी तादाद में युवाओं ने अंबेडकर चौक पर भारी बारिश में भीगते हुए तख्तियां और पोस्टर के साथ नारेबाजी की. इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र से इस्तीफे की भी मांग की गई.
नीट पेपर लीक मुद्दे पर प्रदर्शन
भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद शहर के अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है. केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जाए. साथ ही नीट पेपर लीक में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई. वहीं भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने को लेकर आवाज बुलंद की गई.
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक गैर-दलीय छात्र संगठन के नेतृत्व में आयोजित इस उग्र प्रदर्शन में युवाओं का हुजूम उमड़ पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर हुए इस परीक्षा घोटाले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. बल्कि हाल ही में दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता भी दिखाई. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने वांगचुक की रिहाई और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए जमकर नारेबाजी की.
आंदोलन में शामिल एक छात्रा ने परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक परीक्षा की नहीं है, बल्कि उन मासूम और होनहार छात्रों के लिए न्याय की गुहार है, जिन्होंने नीट पेपर लीक और इसके कारण उपजे मानसिक तनाव की वजह से अपनी जान गंवा दी,
छात्रों की हितों में कदम उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. हाल में सोनम वांगचुक भी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे थे. सरकार को छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल न उठे.
छात्रों के इस बड़े आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला. कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने छात्रों की मांगों को मजबूती से उठाने के लिए संगठनात्मक सहयोग दिया.
मूसलाधार बारिश में भी घंटों डटे रहे प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं करती और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं.
पुलिस भी रही मौजूद
प्रदर्शनस्थल पर पुलिस बल तैनात रहा. हालांकि पूरे कार्यक्रम में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी तरह की अप्रिय घटना सामने नहीं आई. छात्र-युवा संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की बात कही.
2026-07-19











