गरियाबंद : गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच छिन्दोला-आमामोरा मार्ग पर स्थित खोलापारा नाला उफान पर है. नाले के ऊपर तेज बहाव के साथ पानी बहने से इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. इसी बीच एक बाइक सवार युवक ने नाला पार करने की कोशिश की. लेकिन तेज बहाव में उसकी जान पर बन आई. मौके पर मौजूद लोगों ने फौरन दौड़कर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. चश्मदीदों के मुताबिक कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था.
कई गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूटा
तेज बारिश और उफनते नाले की वजह से आमामोरा, ओढ़, कुकरार और नगरार सहित कई गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए भी आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
चेतावनी के बावजूद जान जोखिम में डाल रहे लोग
हालात गंभीर होने के बावजूद कुछ लोग उफनते नाले को पार करने का जोखिम उठा रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बहाव के बीच नाला पार करना किसी भी समय बड़े हादसे की वजह बन सकता है. प्रशासन की तरफ से लोगों से सतर्क रहने और पानी उतरने तक नाला पार नहीं करने की अपील की जा रही है.
46 पर्यटक और राहगीर अब भी फंसे
बताया जा रहा है कि 46 पर्यटक और राहगीर अब भी नाले के इस पार फंसे हुए हैं. पानी का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है. जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. और पानी कम होने का इंतजार किया जा रहा है.
प्रशासन से सुरक्षित निकासी की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, बैरिकेडिंग कराने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की मांग की है. लगातार बारिश को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने और उफनते नालों और पुल-पुलियों को पार करने से बचने की अपील की गई है.
सिकासार बांध से आज खुला पानी का गेट
गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सिकासार जलाशय से मंगलवार को नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जल संसाधन विभाग ने दोपहर से 1 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का फैसला लिया. अगर जलाशय में पानी की आवक बढ़ती रही तो डिस्चार्ज को हर घंटे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाते हुए शाम तक 5 हजार क्यूसेक तक पहुंचाया जाएगा.
सिकासार बांध से आज खुलेगा पानी का गेट किनारे रहने वालों के लिए अलर्ट
प्रशासन ने साफ किया है कि अगर जिले में बारिश का दौर तेज बना रहता है तो पैरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. ऐसे में नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों और नदी में आने-जाने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है. अनावश्यक रूप से नदी के पास जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
जलाशय की स्थिति पर लगातार नजर
जल संसाधन विभाग के मुताबिक जलाशय में पानी की आवक लगातार मॉनिटर की जा रही है. जरुरत पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा में और वृद्धि भी की जा सकती है. प्रशासन एवं संबंधित विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.
जलसंसाधन विभाग की अपील
अगर आप पैरी नदी, सिकासार, राजिम, फिंगेश्वर, छुरा या नदी किनारे के गांवों में रहते हैं तो अफवाहों पर ध्यान न दें. सिर्फ प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
2026-07-28











