केमिकल से नोट बनाने और बैंक लोन के नाम पर 90 लाख की ठगी, महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, निजी फाइनेंस कंपनी का मैनेजर भी शामिल

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सक्ती : सक्ती जिले के बाराद्वार में सामने आए करीब 90 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले तक पहुंच गई है. पुलिस ने एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर सोना लोन में निवेश के नाम पर लोगों से रकम लेने और मुनाफे का लालच देकर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का आरोप है. गिरफ्तारी के बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया. जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
पुलिस के मुताबिक सक्ती जिले के बाराद्वार थाना में अपराध क्रमांक 282/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और 112 के तहत जुर्म दर्ज किया गया था. मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पेंड्रा क्षेत्र में होने की जानकारी मिली. एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर सक्ती पुलिस ने पेंड्रा पुलिस की मदद से संभावित ठिकानों पर दबिश दी. कार्रवाई के दौरान रेखा राठौर निवासी उरांवपारा अड़भार, अफरोज खान निवासी पुरानी बस्ती पेंड्रा और सुभाष साहू को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल सुभाष साहू पेंड्रा की पुरानी बस्ती स्थित एल एंड टी निजी फाइनेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत था। जांच में उसकी भूमिका भी सामने आने के बाद उसे मामले में आरोपी बनाया गया है. पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को बैंक अथवा वित्तीय संस्थान से जुड़ा बताकर लोगों का भरोसा हासिल किया और सोना लोन के नाम पर रकम लगाने के लिए प्रेरित किया.
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक रेखा राठौर ने कथित तौर पर पीड़ितों को बताया कि कई ग्राहक अपने सोने के बदले लिए गए लोन की रकम जमा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे मामलों में उनके स्थान पर पैसा जमा करने पर गिरवी रखा सोना कम कीमत में हासिल किया जा सकता है और बाद में उसे बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. इसी कथित लालच में पीड़ितों से रकम लिए जाने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक रेखा की मां पुष्पांजली राठौर ने भी लोगों को निवेश के लिए भरोसा दिलाने में भूमिका निभाई थी.
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आने की जानकारी है कि आरोपियों ने पेंड्रा क्षेत्र के कुछ लोगों से भी कथित तौर पर रकम ली थी. कुछ मामलों में चेक बाउंस होने के बाद पीड़ित अदालत की शरण में पहुंचे हैं. इससे पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटा रही है.
सक्ती के मामले के पेंड्रा से जुड़ने के बाद जीपीएम क्षेत्र में निजी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के नाम पर चल रही गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं. ग्रामीण इलाकों में ऋण दिलाने, वसूली और लोन सेटलमेंट के नाम पर काम करने वाले कुछ लोगों पर पहले भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं.
स्थानीय स्तर पर अब मांग उठ रही है कि ऐसे निजी वित्तीय नेटवर्क की गतिविधियों की जांच की जाए और यदि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा लोगों से अवैध तरीके से रकम ली जा रही है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और मामले की आगे की विवेचना के आधार पर अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा.

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