बुद्ध पूर्णिमा पर करें गंगा स्नान…ऐसे लगाएं डुबकी, काशी के ज्योतिषी से जानें विधि

Spread the love

वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है. पूर्णिमा तिथि गंगा स्नान और दान के लिए विशेष मानी जाती है. लेकिन इसमें बुद्ध पूर्णिमा का अपना महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है. इसके अलावा पितृ दोष भी दूर हो जाते हैं. इस बार यह पर्व 5 मई को मनाया जाएगा. इस दिन चन्द्र ग्रहण भी है.

काशी (Kashi) के विद्वान और ज्योतिषाचार्य स्वामी कन्हैया महाराज ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा पर वाराणसी, प्रयागराज और हरिद्वार (Haridwar) में गंगा स्नान का विशेष महत्व है. इस दिन इन तीनों धार्मिक शहरों में पूरे देश से लोग आते हैं और गंगा में डुबकी लगाते हैं. वाराणसी के तमाम घाटों पर इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है.

तीन बार लगाएं डुबकी
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस दिन सभी को गंगा में तीन बार डुबकी लगानी चाहिए. साथ ही गंगा के जल से भगवान सूर्य को जल अर्पण करना चाहिए. इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को दान भी करना चाहिए.

नहीं कर पा रहें गंगा स्नान तो ऐसे करें उपाय
इस दिन जो शख्स गंगा स्नान के लिए हरिद्वार, वाराणसी और प्रयागराज या दूसरे धार्मिक शहर नहीं जा पाते वे अपने घर में भी नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर स्नान कर सकते हैं. ऐसा करने से भी उन्हें गंगा स्नान के बराबर ही पुण्य मिलता है. हालांकि, घर पर स्नान के बाद लोगों को जरूरतमंदों को दान जरूर करना चाहिए.

 

Author