क्या भगवान गणेश थे पहले लेखक? किस रंग के थे बप्पा जानें उनकी प्रिय वस्तुएं

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हिंदू धर्म में हर मांगलिक कार्यों से पहले भगवान गणेश को पूजा जाता है. मान्यता है कि प्रथम पूज्य भगवान गणेश अपने भक्तों की हर परेशानी को दूर कर उनके कार्य को सफल करने का आशीर्वाद देते हैं. बप्पा के भक्त उनके बारे में और अधिक जानने का प्रयास करते हैं आज के इस आर्टिकल में भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं भगवान गणेश से जुड़ी 5 विशेष बातों के बारे में.

प्रथम लेखक माने जाते हैं लंबोदरपौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को पहला पत्रकार या लेखक कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि धार्मिक ग्रंथ महाभारत का लेखन बप्पा ने ही किया था. वैसे तो महाभारत ग्रंथ की रचना वेदव्यास द्वारा की गई है. परंतु उसको लिखने का कार्य भगवान गणेश ने किया. महाभारत के लेखन के दौरान भगवान गणेश ने एक शर्त रखी थी कि वह लिखते समय बीच में नहीं रुकेंगे. तब ऋषि वेदव्यास ने कहा था कि ठीक है परंतु प्रत्येक श्लोक को अच्छे से समझने के बाद ही उसे लिखें. लिखते समय जब गणेश भगवान श्लोक का अर्थ समझने में टाइम लेते थे तो उस दौरान वेदव्यास अपने महत्वपूर्ण कार्यों को निपटा लेते थे.

भगवान गणेश का रंगसनातन धर्म के ग्रंथ शिवपुराण में भगवान गणेश के रंग का उल्लेख मिलता है. शिवपुराण के अनुसार भगवान गणेश का शरीर लाल और हरे रंग का था. जहां लाल रंग शक्ति का वहीं हरा रंग समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसका आशय है कि जहां भी भगवान गणेश होते हैं वहां शक्ति और समृद्धि दोनों ही वास करती हैं.

भगवान गणेश का रंगसनातन धर्म के ग्रंथ शिवपुराण में भगवान गणेश के रंग का उल्लेख मिलता है. शिवपुराण के अनुसार भगवान गणेश का शरीर लाल और हरे रंग का था. जहां लाल रंग शक्ति का वहीं हरा रंग समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इसका आशय है कि जहां भी भगवान गणेश होते हैं वहां शक्ति और समृद्धि दोनों ही वास करती हैं.

भगवान गणेश का परिवारधार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान गणेश दो पत्नियां थीं. ऋद्धि और सिद्धि जो प्रजापति विश्वकर्मा की बेटियां हैं. इन दोनों की एक-एक संतान जिसमें सिद्धि के पुत्र ‘क्षेम’ और ऋद्धि के पुत्र ‘लाभ’ हुए. आम बोलचाल में इन्हीं को ‘शुभ-लाभ’ कहा जाता है. धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश की दो बहुएं तुष्टि और पुष्टि हैं. गणपति के पोते आमोद और प्रमोद हैं.

बप्पा को प्राप्त है सभी देवताओं की शक्तियांजिस तरह बजरंगबली को सभी देवताओं ने अपनी शक्तियां दी थीं उशी तरह भगवान गणेश को भी सभी देवताओं ने अपनी शक्तियां प्रदान की हैं. इसके अलावा बप्पा के पास उनकी खुद की भी शक्तियां हैं.

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