सनातन धर्म में नदियों को देवी का स्वरूप माना जाता है. इन नदियों में मोक्षदायिनी मां गंगा विशेष महत्व रखती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा में स्नान से सारे पाप धुल जाते हैं, इसलिए विशेष पर्व और मौकों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है. वैसे हर दिन गंगा स्नान किया जाए तो उसका भी विशेष फल मिलता है. मान्यता है कि गंगा में डुबकी लगाने से शारीरिक और मानसिक पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है. यही वजह है कि जिन जगहों से गंगा गुजरती है वहां हर दिन आस्थावानों की भीड़ लगी होती है.
गंगा में डुबकी लगाने के लिए शास्त्रों में कुछ नियम भी बनाए गए हैं, जिसका ख्याल गंगा स्नान के दौरान जरूर रखना चाहिए. काशी के विद्वान और ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि गंगा में डुबकी लगाने से पहले मां गंगा को छूकर प्रणाम करना चाहिए. इसके अलावा डुबकी के वक्त मां गंगा का ध्यान कर हर हर गंगे के नारे के साथ 3, 5 या 7 बार डुबकी लगानी चाहिए. इस दौरान मां गंगा से मन ही मन अपने सारे कष्ट और पापों के नाश की कामना जरूर करें.
भूलकर भी न करें ये काम
>>गंगा में डुबकी लगाने समय शरीर के मैल को उसमें नहीं धोना चाहिए. इसके अलावा साबुन या शैम्पू का इस्तेमाल भी भूलकर नहीं करना चाहिए.
>>गंगा स्नान के बाद शरीर पर लगे पानी को नहीं पोछना चाहिए.
>>गंगा में मल मूत्र का त्याग नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से आप पाप के भागी बनते हैं.
>> गंगा में कपड़े धोना भी पाप माना जाता है.
>>गंगा में माला, फूल या किसी भी तरह का कूड़ा कचरा नहीं फेंकना चाहिए. इससे आप पाप के भागी बनते हैं.








