कोरबा : पुलिस ने फर्जी लोन के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में एक महिला कर्मचारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक चौकी सीएसईबी, थाना सिविल लाइन रामपुर में अपराध क्रमांक 643/2026, धारा 318(4), 316(5) बी.एन.एस. के तहत केस दर्ज है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी टीपी नगर स्थित अभिवृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेस के जरिए लोगों को झांसा देते थे. वे कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थे. पीड़ितों से प्रसंस्करण शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर राशि बैंक खातों में जमा कराई जाती थी. पैसे मिलने के बाद आरोपी न तो लोन देते थे और न ही राशि वापस करते थे. कई लोग इस गिरोह का शिकार बने.
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल सबूतों का मुआयना किया. तकनीकी सबूतों के आधार पर प्रियंका कलसे को 14 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया. प्रियंका कलसे, राजेन्द्र कलसे की 22 साल की बेटी है और प्रताप नगर, नया पुल के पास, थाना दर्री की निवासी है.
जांच और अन्य आरोपियों की तलाश
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है. बैंक खातों में हुए लेन-देन, डिजिटल उपकरणों और ठगी की राशि के प्रवाह का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ठगी में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है.
पुलिस की अपील और अभियान
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील किया कि लोन दिलाने के नाम पर अग्रिम राशि या शुल्क मांगने पर उसकी वैधता की पूरी जांच करें. बिना सत्यापन के किसी को पैसे न दें और संदिग्ध गतिविधि की फौरन खबर पुलिस को दें. पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा कि आर्थिक अपराधियों के खिलाफ ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान जारी रहेगा. ठगी करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा.
2026-07-14











