धान रोपाई कर लौट रही मजदूरों से भरी पिकअप खेत में पलटी. 2 महिलाओं की मौत. 10 से ज्यादा महिलाएं घायल, 4 गंभीर, ग्रामोनों में आक्रोश

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बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. जारगीम गांव के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 लोग घायल हो गए हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया/ यह मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र का है.
पिकअप पलटने से 2 महिलाओं की मौत, 10 घायल
मिली जानकारी के मुताबिक पिकअप वाहन नम्बर JH03 AJ 0323 में बड़ी तादाद में ग्राम परेवा के मजदूर सवार थे. जो अपना काम कर वापस घर जा रहे थे. इसी दौरान जारगीम गांव के पास अचानक तेज रफ्तार पिकअप से चालक देवचरण ने अपना कंट्रोल खोद दिया और सड़क किनारे पलट गई और उसमें सवार सभी गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत और बचाव कार्य शुरू किया. वहीं पुलिस और एंबुलेंस को हादसे की खबर दी गई, जिसके बाद सभी घायलों को वाहन से बाहर निकालकर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ पहुंचाया गया. 10 घायलों में से तीन मजदूरों की हालत बेहद नाजुक होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया. अन्य घायलों का इलाज शंकरगढ़ में ही जारी है.
इस हादसे में ग्राम परेवा निवासी 40 वर्षीय विमला नगेशिया और 46 वर्षीय कामेश्वरी पैकरा की मौत हो गई. वहीं करीब 10 मजदूर घायल हो गए. जिनमें से 4 को गंभीर चोटें आई हैं. घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल हादसा कैसे हुआ. इसकी असल वजह का पता नहीं चल सका है.
इस हादसे ने एक बार फिर सिस्टम की लचर कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है. घायलों और ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि पिकअप काफी तेज रफ्तार में थी और उसमें निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक लोगों को भेड़-बकरियों की तरह बैठाया गया था. इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है.
अंचल में मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल बेखौफ होकर यात्री परिवहन के लिए किया जा रहा है. नियम-कानून सख्त होने के बावजूद परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की यह अनदेखी लगातार जानलेवा साबित हो रही है. इस हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं. अब देखना यह है कि प्रशासन इस हादसे से सबक लेकर कोई सख्त कदम उठाता है. या फिर किसी अगली अनहोनी का इंतजार करता है.

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