50 साल से काबिज परिवार का नाम सर्वे से गायब, भूमि स्वामी अधिकार पत्र के बावजूद पटवारी पर लापरवाही का आरोप, कलेक्टर से लगाई इंसाफ की गुहार

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कांकेर/चारामा : कांकेर जिला में तहसील के ग्राम चांवड़ी में प्रधानमंत्री भूमि स्वामित्व योजना के तहत चल रहे राजस्व सर्वे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है. करीब 50 साल से सरकारी आबादी भूमि पर काबिज एक परिवार ने वर्तमान सर्वे में रिकॉर्ड से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है. पीड़ित परिवार ने कांकेर कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की मांग की है.
शिकायत के मुताबिक भूमि स्वामी किशन प्रसाद का परिवार पिछले करीब 50 साल से संबंधित शासकीय आबादी भूमि पर काबिज है. परिवार का दावा है कि शासन को निर्धारित प्रीमियम जमा करने के बाद उन्हें भूमि स्वामी अधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था. जिससे उनके भूमि संबंधी अधिकारों की पुष्टि होती है.
परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद हाल ही में हुए राजस्व सर्वे के दौरान संबंधित पटवारी ने रिकॉर्ड से उनका नाम हटा दिया गया. भूमि स्वामी के बेटे का कहना है कि इस सर्वे से वे अपनी भूमि के अधिकार से वंचित हो गए हैं. भूमि स्वामी के बेटे योगेश मेहता ने इस बारे में कांकेर कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में लिखित शिकायत पेश की है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सर्वे रिकॉर्ड में उनका नाम पुनः दर्ज करने और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल जिला प्रशासन ने शिकायत ले ली है. अब जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि राजस्व सर्वे के दौरान रिकॉर्ड से नाम हटाए जाने के पीछे क्या वजह रही और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं.

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