खबर का असर: स्कुल में शराब पीने का वीडियो वायरल, दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस, डीईओ का बड़ा एक्शन, दोनों गुरूजी के निलंबन का भेजा प्रस्ताव

Spread the love

गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला देवझर (अमली) में स्कूल समय के दौरान दो शिक्षकों के कथित रूप से शराब सेवन के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. घटना की खबर सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए दोनों शिक्षकों कमल सिंह दीवान और मनोज कुमार भारद्वाज को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
आचरण नियमों के उल्लंघन का उल्लेख
बीईओ कार्यालय द्वारा जारी नोटिस में प्रकाशित समाचार के आधार पर दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. नोटिस में कहा गया है कि अगर विद्यालयीन समय में कथित रूप से शराब के नशे में पाए जाने की बात सही है. तो यह शासकीय सेवक के दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही है. और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है.
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने नोटिस में साफ़ किया है कि संबंधित शिक्षकों को खुद हाजिर होकर समाधानकारक और संतोषजनक जवाब देना होगा. अगर निर्धारित समय में जवाब पेश नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षकों की होगी.
बीईओ ने पहले ही दिए थे जांच के संकेत
मामला सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवनाथ बघेल ने कहा था कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है. उन्होंने आश्वासन दिया था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. अब कारण बताओ नोटिस जारी होने के साथ विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
वहीं अब जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) गरियाबंद ने दोनों के निलंबन का प्रस्ताव संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर को भेज दिया है. पत्र के मुताबिक विद्यालयीन समय में शराब का सेवन करना तथा कर्तव्य के प्रति लापरवाही छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 का उल्लंघन है। इसी आधार पर दोनों शिक्षकों के निलंबन की अनुशंसा की गई है.
फैसले पर टिकी निगाहें
स्थानीय मीडिया टीम ने दावा किया था कि औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय कार्यालय में दो शिक्षक कथित रूप से शराब का सेवन करते मिले थे. घटना के फोटो और वीडियो भी सामने आने का दावा किया गया था. जिसके बाद जिले भर में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई. अब इस मामले में आख़री फैसला संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा लिया जाएगा. कार्रवाई के इस नए कदम से स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है.

Author