हनुमान मंदिर तोड़े जाने का विरोध, बजरंग दल का प्रदर्शन, थाने का घेराव, कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग, उज्जैन में भी आंदोलन की चेतावनी

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रायपुर में हनुमान मंदिर तोड़े जाने का विरोध
रायपुर : राजधानी के कापा-मोवा क्षेत्र में हनुमान मंदिर हटाए जाने की कार्रवाई के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और मोवा-पंडरी थाने का घेराव कर कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
दरअसल नगर निगम प्रशासन द्वारा हनुमान मंदिर को हटाए जाने/कार्रवाई करने को लेकर स्थानीय लोगों और धार्मिक संगठनों ने आक्रोश विरोध प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में महिलाओं,स्थानीय नागरिकों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया।थाने का घेराव किया. मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया.

उज्जैन में भी हनुमान मंदिर हटाने का विरोध, आंदोलन की चेतावनी
उज्जैन : उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है. इस दौरान बीच में जो भी भवन आ रहे हैं. उन्हें भी तोड़ा जा रहा है. इसी कड़ी में हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में हिंदू समाज और बजरंग दल विरोध प्रदर्शन पर उतर गया. हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद यह प्रदर्शन खत्म कर दिया गया.
इन दिनों कंठाल, सती गेट और छत्री चौक क्षेत्र में चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है. इस दौरान यहां मौजूद मंदिरों को दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है. सती गेट स्थित गणेश मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. बीते दिन यहां आखिरी बार आरती की गई. इसके बाद गणेश प्रतिमा को सावधानी के साथ दूसरी जगह ले जाया गया. इसी के पास में संकट मोचन हनुमान मंदिर मौजूद है. जिसे हटाने के विरोध में प्रदर्शन किया गया.
हिंदू संगठन और बजरंग दल का प्रदर्शन
संकट मोचन हनुमान मंदिर काफी प्राचीन है और इसे हटाने को लेकर विवाद गहरा गया है. देर रात हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. सभी ने सामूहिक रूप से यहां हनुमान चालीसा का पाठ कर महाआरती की और विरोध प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया.
क्या है मांग
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर शहर में अब तक 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं. प्राचीन मंदिरों को हटाकर लगातार सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है. संगठन का कहना है कि अगर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो वह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए. यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अगर किसी मंदिर के साथ छेड़छाड़ की गई तो शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा.

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