सेवा सुरक्षा पर आर-पार की लड़ाई: मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के विधानसभा मुख्यालय निवास तक निकलेगी शिक्षक न्याय पदयात्रा और अनिश्चितकालीन धरना

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रायपुर : प्रदेश के सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के मुद्दे पर प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संगठनों ने अब एक मंच पर आकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है.
छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राठौर, प्रदेश संयोजक मनीष मिश्रा नवीन शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास राजपूत एवं सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पांडेय प्रदेश प्रवक्ता इरफान सैय्यद ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीरता नहीं दिखाती है, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से निर्णायक स्तर तक ले जाया जाएगा.
शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर आगे आया कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने सेवारत शिक्षकों के साथ न्याय करने संबंधी ज्ञापन सौंपा.
शिक्षक संगठनों ने डीपीई एवं शिक्षा सचिव को ज्ञापन सौंपकर सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। शिक्षक नेताओं ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटे हैं. लेकिन आज उन्हीं शिक्षकों का भविष्य असुरक्षित दिखाई दे रहा है. सरकार को शिक्षकों से जिम्मेदारी की अपेक्षा है तो उनके भविष्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी होगी.
17 अगस्त को बेमेतरा में होगा पहला बड़ा प्रदर्शन
आंदोलन के पहले चरण में 17 अगस्त को जिला बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा. शिक्षक संगठनों ने कहा कि यह सरकार को अपनी मांगों के प्रति गंभीरता दिखाने का पहला मौका है.
इसके बाद 22 अगस्त को प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में “शिक्षक सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा” और रैली निकाली जाएगी. रैली के जरिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सेवा सुरक्षा की मांग रखी जाएगी.
इसके बाद जिला स्तर पर भी शिक्षक सेवा सुरक्षा न्याय यात्रा के तहत धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित कर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा.

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