बलौदाबाजार : समाज में अंधविश्वास के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई ग्रामीण क्षेत्रों में जादू-टोने जैसी भ्रामक धारणाएं लोगों की सोच पर हावी हैं. अंधविश्वास ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. बलौदाबाजार जिला में लवन थाना क्षेत्र के ग्राम चितावर में 24 साल की युवती की हत्या से सनसनी फैल गई. सतरूपा उम्र 24 साल का शव घर के पीछे बाड़ी में मिला. उसके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार शाम चितावर निवासी समारिन बाई ध्रुव खेत में काम करने के बाद तालाब में नहाने गई थी. लौटकर सतरूपा अपने घर की बाड़ी में स्थित कुएं के पास बर्तन धो रही थी. घटना के समय वह घर में अकेली थी. इसी दौरान उसका चचेरा भाई रामदयाल ध्रुव वहां पहुंचा और उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया. हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घर लौटने के बाद मां ने अपनी बेटी सतरूपा को आवाज लगाई. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. तलाश करने पर घर के पीछे बाड़ी में सतरूपा का शव पड़ा मिला.
परिजनों ने घटना की खबर आसपास के लोगों और लवन पुलिस को दी. खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया. एफएसएल की टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं.
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे जादू-टोने का शक बताया जा रहा है. कुछ महीने पहले आरोपी रामदयाल ध्रुव की पत्नी की अचानक मौत हो गई थी. पत्नी की मौत के बाद आरोपी को शक था कि सतरूपा ने जादू-टोना किया है. जिसकी वजह से उसकी पत्नी की जान गई. इसी शक को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले भी विवाद हुआ था.
बताया जा रहा है कि मामला गांव की सामाजिक बैठक तक पहुंचा था. जहां दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया था. हालांकि आरोपी के मन में बैठा शक खत्म नहीं हुआ और आखिरकार उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया.
मृतका सतरूपा अपने परिवार की इकलौती बेटी थी. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. मां का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतका की मां ने भी बेटी की हत्या के पीछे जादू-टोने के शक को वजह बताया है.
लवन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रामदयाल ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार सहित अन्य सबूतों को जुटाने में लगी हुई है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने किस आधार पर मृतका पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया था.
पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या पहले से दोनों परिवारों के बीच कोई शिकायत दर्ज हुई थी या सामाजिक स्तर पर विवाद को सुलझाने की कोशिश की गई थी. मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. चितावर गांव की यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास पर सवाल खड़े करती है. आधुनिक दौर में भी जब विज्ञान और जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. तब भी जादू-टोने जैसी गलत धारणाओं के कारण निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है.
विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने की जरूरत है. सिर्फ कानून और प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है. बल्कि समाज में सोच बदलने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और पूरे मामले की जांच जारी है. लेकिन चितावर गांव की यह घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि सिर्फ एक शक और अंधविश्वास किस तरह एक परिवार की जिंदगी तबाह कर सकता है.












