रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. चारों तरफ वंदे मातरम की गूंज सुनाई दे रही थी. जमकर आजादी का जश्न मनाया गया. पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर में मुख्यमंत्री साय ने ध्वजारोहण किया इसके बाद परेड की सलामी ली. फिर मार्च पास्ट कर जवानों का हौसला बढ़ाया. प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकानायें दी.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है.
स्वतंत्रता दिवस पर सीएम विष्णुदेव साय ने रोजगार को लेकर कुछ अहम घोषणाएं की. अग्निवीरों को सरकारी जॉब के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का एलान किया है. वहीं यौवन को नीट, जेईई, एसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग का ऐलान किया है.
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए हैं. तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है. नियमित रूप से 7 कैटेगरी में भर्ती परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा में अनुचित साधनों तथा नकल को रोकने के लिए भी हमने विधानसभा में सख्त कानून पारित किया है.
पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की है. ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल‘ के माध्यम से शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है. बिजली कम्पनियों में 1235 पदों पर अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की जा रही है.
हमारे एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे इस वर्ष की नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में सफल हुए हैं. नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी तथा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग देने ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना‘ आरंभ कर रहे हैं.
चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा.
नई नीति में कोर सेक्टर के साथ ही इमर्जिंग सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है. इसका लाभ युवाओं तक पहुंचाने हम पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन कर रहे हैं. वर्षाकाल के बाद हम जिला और प्रदेश स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे. छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति‘ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया है.
हमारी शैक्षणिक संस्थाएं नये विचारों को प्रोत्साहित करें, नये जमाने के अनुरूप युवाओं को तैयार करें, इसके लिए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैम्पस, निफ्ट, नाइलिट जैसे संस्थान हम लेकर आये हैं.
इसी सत्र से 5 मेडिकल कॉलेज- गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा में आरंभ कर रहे हैं. छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित कर रहे हैं.
500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन‘ को मंजूरी दी है. इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से ज्यादा एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी. छह लाख विद्यार्थियों एवं डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित किये हैं. इससे अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
इस नीति के माध्यम से टेक्सटाइल जैसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निवेश हो रहा है. नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है. इससे 46 सौ से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा.
मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा. हम प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रहे हैं.
राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
हम देश का पहला एआई एस.ई.जेड. बना रहे हैं. साथ ही एआई डेटा सेंटर भी स्थापित हो रहा है. रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई को लेकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है.
अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है. ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं. 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं.
बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया. साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं. ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है.
बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है. लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है.
सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं. वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है.
बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं. 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं.
2026-08-15











