आरंग में वीरांगना अवंती बाई लोधी जयंती शोभायात्रा का कांग्रेस ने किया जोरदार स्वागत, भाजपा के रवैये से समाज में नाराजगी, नगर में उठ रहे कई तरह के सवाल

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आरंग : 1857 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी जी की जयंती के मौके पर आरंग में लोधी समाज द्वारा एक भव्य एवं गरिमामयी शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा के नगर भ्रमण के दौरान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आरंग (शहर) द्वारा इसका गर्मजोशी और भव्यता के साथ स्वागत किया गया. पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के निर्देशानुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वीरांगना अवंती बाई लोधी के छायाचित्र पर पुष्प और श्रीफल अर्पित कर उन्हें नमन किया. ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने शोभायात्रा पर लगातार पुष्प वर्षा कर महारानी के अमूल्य योगदान और बलिदान को याद किया.
इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने लोधी समाज के वरिष्ठ जनों एवं पदाधिकारियों को श्रीफल और पुष्पहार पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया. कार्यक्रम के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष खिलावन निषाद ने कहा, “वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी जी का त्याग, अदम्य साहस और बलिदान देश की महिलाओं व युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता.”
इस मौके पर शहर अध्यक्ष खिलावन निषाद, मंगल मूर्ति अग्रवाल, दीपक चंद्राकर, सादिक बेलिम, राजेश्वरी साहू, गौरी बाई देवांगन, देवेंद्र धृतलहरें, सागर जोशी, प्रणय बांसवार, गोलू, सुदामा पाल, आचू देवांगन, भोला यादव और मनेश कंडरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे.
भाजपा के रवैये से समाज में नाराजगी,क्षेत्र में उठ रहे सवाल
नगर में निकाली गई लोधी समाज की भव्य शोभायात्रा के दौरान एक नया राजनीतिक और सामाजिक मोड़ देखने को मिला है. एक ओर जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शोभायात्रा का गर्मजोशी और आत्मीयता से स्वागत कर सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से शोभायात्रा की उपेक्षा किए जाने पर समाज और आम नागरिकों के बीच भारी असंतोष और नाराजगी देखी जा रही है.
नेताजी चौक पर अनदेखी से उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक जब अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के सम्मान में निकाली गई. यह शोभायात्रा नेताजी चौक स्थित मंत्री कार्यालय के सामने से गुजर रही थी. उस समय भाजपा मंडल के कई प्रमुख पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता कार्यालय में ही मौजूद थे. इसके बावजूद किसी भी भाजपा नेता या कार्यकर्ता ने बाहर निकलकर शोभायात्रा का स्वागत करना तक उचित नहीं समझा. इस रवैये को लेकर नगर की जनता और लोधी समाज में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे समाज का अनादर माना जा रहा है.
देश और पार्टी के लिए लोधी समाज का योगदान
लोधी समाज का इतिहास देश की आजादी और राष्ट्र रक्षा के लिए अद्वितीय समर्पण का रहा है. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी ने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार न करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.
इतना ही नहीं, संगठन और राजनीतिक धरातल पर भी लोधी समाज हमेशा से भारतीय जनता पार्टी के मजबूत जनाधार और स्तंभ के रूप में खड़ा रहा है. पार्टी को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में समाज के कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का अमूल्य योगदान रहा है. ऐसे में अपने ही मजबूत जनाधार और अमर शहीदों के सम्मान में निकाली गई यात्रा के प्रति भाजपा नेताओं की यह बेरुखी समझ से परे है.
क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी सिर्फ एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर हैं. इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र नायकों का सम्मान किया जाना चाहिए था. फिलहाल इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीति में गर्माहट आ गई है और भाजपा नेताओं की इस चुप्पी पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

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