सब्जी में नमक कम पड़ा तो ‘गुड़ाखू की सजा’!, सास-ससुर पर बहू के मुंह में जबरन गुड़ाखू ठूंसने और नाक में तेल डालने का आरोप, नमक कम था या इंसानियत?

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गरियाबंद : गरियाबंद जिले के अमलीपदर क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर सवाल उठता है—आखिर नमक कम था या इंसानियत? आरोप है कि सब्जी में नमक कम होने की बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि 23 साल की विवाहिता रीना साहू के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. इतना ही नहीं, पीड़िता और उसके परिवार का आरोप है कि सास-ससुर ने उसके मुंह में करीब 100 ग्राम गुड़ाखू जबरन ठूंस दिया और उसकी नाक में खाने का तेल डाल दिया.
यानी सब्जी में नमक कम क्या हुआ, ससुराल में कथित तौर पर ऐसी ‘×’ तैयार हो गई, जिसमें गुड़ाखू मुंह के लिए और तेल नाक के लिए इस्तेमाल होने लगा.
लेकिन यह कोई रसोई की रेसिपी नहीं, बल्कि अगर आरोप सही साबित होते हैं तो घरेलू हिंसा की बेहद गंभीर तस्वीर है.
आठ महीने पहले धूमधाम से हुई थी शादी
अमलीपदर निवासी 23 साल की रीना साहू की शादी करीब आठ महीने पहले गुरुजी भाटा निवासी अरविंद साहू से हुई थी. परिवार के मुताबिक शादी मायके पक्ष की तरफ से धूमधाम से की गई थी. लेकिन आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर ससुराल पक्ष की नाराजगी शुरू हो गई. परिवार का दावा है कि रीना के साथ गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती रहीं.
मामला गांव की बैठक तक भी पहुंचा और समझाइश देकर विवाद खत्म कराने की कोशिश की गई. लेकिन आरोप है कि हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ.
नमक कम पड़ा और कथित तौर पर बढ़ गया ‘गुस्से का तापमान’
बताया जा रहा है कि बीती रात विवाद की शुरुआत बेहद मामूली बात से हुई—सब्जी में नमक कम था.
अब सवाल यह है कि नमक कम हो तो क्या किया जाता है?
थोड़ा नमक और डाला जाता है… या फिर गुस्से का ऐसा ‘तड़का’ लगाया जाता है कि मामला थाने तक पहुंच जाए?
रीना के आरोप के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद उसके पति, सास और ससुर ने उसके साथ मारपीट की. इसके बाद जो आरोप सामने आया. उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया.
मुंह में गुड़ाखू… नाक में खाने का तेल!
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि सास-ससुर ने रीना को कथित तौर पर जबरन पकड़कर उसके मुंह में करीब 100 ग्राम गुड़ाखू ठूंस दिया. और बात यहीं खत्म नहीं हुई. आरोप है कि उसकी नाक में खाने का तेल डाल दिया गया.
अब व्यंग्य तो यही बनता है कि सब्जी में नमक कम था. लेकिन सजा में गुड़ाखू ‘फुल डोज’ और नाक में तेल ‘एक्स्ट्रा’!
आखिर घरेलू विवाद सुलझाने का यह कौन-सा तरीका है? नमक कम था तो नमक बढ़ाया जा सकता था. गुस्सा ज्यादा था तो कुछ देर चुप रहा जा सकता था. लेकिन कथित तौर पर बहू के मुंह में गुड़ाखू ठूंसना और नाक में तेल डालना आखिर किस तरह की ‘ससुराली समझाइश’ है?
थाने पहुंची रीना, अब जांच पर टिकी निगाहें
घटना के बाद रीना साहू थाने पहुंची और कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पूरे मामले में पीड़िता के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है. पुलिस शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और मिले सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी. आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
लेकिन यह मामला एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ जाता है कि जिस बहू को आठ महीने पहले गाजे-बाजे के साथ घर लाया गया था. क्या उसकी खुशियां अब सब्जी में पड़े नमक के हिसाब से तय होंगी? और अगर नमक कम होने पर कथित तौर पर गुड़ाखू मुंह में और तेल नाक में डालने की नौबत आ जाए. तो फिर सवाल सिर्फ दहेज या घरेलू विवाद का नहीं है.
सवाल यह है कि रसोई में नमक कम था या रिश्तों में इंसानियत? क्योंकि सब्जी का स्वाद नमक से बिगड़ सकता है…लेकिन किसी इंसान की जिंदगी का स्वाद हिंसा से बिगाड़ने का हक किसी को नहीं है.

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