दिल्ली : 1 सितंबर 2026 से देश में कई नियम बदलने जा रहे हैं. ये बदलाव आपकी रसोई के बजट से लेकर, कार खरीदने की योजना, बैंकिंग सेवाओं और एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया तक पर सीधा असर डालेंगे. आइए जानते हैं कि 1 सितंबर से कौन-कौन से मुख्य बदलाव लागू होने जा रहे हैं और आपको इनके लिए कैसे तैयार रहना चाहिए.
एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन हुआ आसान, बोर्डिंग पास पर स्टैम्प का नियम खत्म
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 1 सितंबर से विदेश यात्रा का अनुभव और भी सुगम होने वाला है. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के नए नियमों के तहत अब यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने और बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्प लगवाने की जरूरत नहीं होगी. 1 सितंबर से यात्री अपने मोबाइल में ‘ई-बोर्डिंग पास’ या उसकी हार्ड कॉपी दिखाकर सीधे इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. इससे एयरपोर्ट पर लगने वाला समय बचेगा और यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा.
LPG कनेक्शन की E-KYC, 31 अगस्त के बाद लग सकता है झटका
अगर आपके पास एलपीजी गैस कनेक्शन है. तो 31 अगस्त तक E-KYC की प्रक्रिया पूरी करना जरुरी है. इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने इसकी आखरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त किया था. अगर आप इस समय सीमा के भीतर अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं. तो 1 सितंबर से आपको एलपीजी सिलेंडर गैर-सब्सिडी वाले या महंगे दामों पर खरीदना पड़ सकता है.
CNG, PNG और हवाई ईंधन (ATF) के दामों में संशोधन
हर महीने की 1 तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ईंधन की समीक्षा करती हैं. 1 सितंबर को एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF), सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की नई दरें जारी होंगी. अगर ATF के दाम बढ़ते हैं, तो एयरलाइंस कंपनियां हवाई टिकटों के किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं. वहीं, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बदलाव से घरेलू रसोई बजट और दैनिक परिवहन खर्च प्रभावित होगा.
टाटा और हुंडई की कारें खरीदना होगा महंगा
अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं. तो 1 सितंबर से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे. टाटा मोटर्स ने अपनी सभी कारों और SUVs की कीमतों में 25,000 तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल (ICE) के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के सभी वेरिएंट्स पर लागू होगी. इसके अलावा हुंडई मोटर इंडिया भी 1 सितंबर से अपने वाहनों की दरें बढ़ाने जा रही है.
बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव
1 सितंबर से देश के कई प्रमुख बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव कर सकते हैं. दरों में गिरावट से निवेशकों के रिटर्न पर असर पड़ेगा. जबकि दरों में बढ़ोतरी से ग्राहकों को ज्यादा फायदा मिलेगा. अगर आप नई एफडी कराने की सोच रहे हैं. तो 1 सितंबर तक का इंतजार करें और नई ब्याज दरों का आंकलन करने के बाद ही निवेश का फैसला लें.
ATM ट्रांजैक्शन चार्ज और लिमिट में बदलाव की संभावना
1 सितंबर से बैंकिंग सेक्टर में एटीएम (ATM) ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों और शुल्क में बदलाव देखने को मिल सकता है. बैंक मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा के बाद लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को बढ़ा सकते हैं. इसलिए महीने की शुरुआत में अपने बैंक की नई चार्ज गाइडलाइंस जरूर चेक कर लें. ताकि अनावश्यक शुल्क से बचा जा सके.?
2026-08-29











