अगर चांद हो गया गायब तो बदल जाएंगी कई चीजें, 6 घंटे का होगा दिन

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चांद पर पहुंचने की चाहत हर कोई रखता है। यह ना सिर्फ रात के समय रौशनी देकर आसमान की शान बढ़ाता है बल्कि दिखने में भी खूबसूरत दिखता है। चांद को लेकर कई गाने भी रिलीज हो चुके हैं तो वहीं शायरी करना कोई भूलता नहीं। इसके ऊपर कई कहानियां भी बनी हुई हैं, लेकिन जरा सोचो की अगर चांद अचानक गायब हो जाए तो फिर क्या होगा?

धरती से तकरीबन तीन लाख 84 हजार किलोमीटर की दूरी पर चंद्रमा स्थित है जो रात के समय रौशनी देता है। इसके ना होने से धरती पर बहुद बदलाव होते दिखेंगे। सबसे पहले यह होगा कि रात के समय चांद से मिलने वाली रौशनी गायब हो जाएगी। चांद के बाद शुक्र ग्रह ही है जो दूसरे नंबर पर ज्यादा चमक बिखेरता है, लेकिन यह भी सच है कि एक पूर्ण चंद्रमा चमकीले शुक्र ग्रह की तुलना में लगभग दो हजार गुना ज्यादा चमकीला होता है। यानी कि शुक्र ग्रह भी उतनी ज्यादा चमक आसमान पर नहीं फेर पाएगा जितनी की चांद बिखेरता है। तो साफ है कि अगर चांद गायब हो जाए तो हमारी रातें भी अंधकारमय हो जाएंगी।

वैसे अभी तक एक दिन में 24 घंटे होते हैं, लेकिन आप शायद ही यह जानते होंगे कि अगर चांद गायब हो जाए तो फिर धरती पर एक दिन केवल 6 घंटे का ही होगा। यानि कि फिर साल में दिनों की संख्या भी 1000 से ऊपर हो जाएगी। अब आपके दिमाग ये सवाल घूम रहा होगा कि ऐसा क्यों होगा? तो इसका जवाब यह है कि चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से पृथ्वी का घूमना धीमा होता है, जिसके कारण एक दिन 24 घंटे में पूरी होता है। तो यदि चांद अपनी जगह से गायब हो जाएगा तो चांद का गुरुत्वाकर्षण बल नहीं होगा। इससे पृथ्वी तेजी से घूमने लग जाएगी और दिन तेजी से बीतता जाएगा।

वहीं चांद के ना होने से मौसम बिगड़ता हुआ दिखाई देखा। चारों तरफ से हाहाकर मचता नजर आएगा क्योंकि पृथ्वी की धुरी का झुकाव समय के साथ बदलता रहेगा, जिस कारण खतरनाक मौसमी बदलाव देखने को मिलेगा। अभी पृथ्वी 23.5 डिग्री पर झुकी हुई है। जब चांद नहीं होता को ये बहुत ज्यादा झुक जाएगा, जिस कारण तेज हवाएं चलेंगी। मौसम पूरी तरह से बदल जाएंगे, जिससे प्राणियों को नुकसान पहुंचेगा।

इसके अलावा चांद के ना होने पर पृथ्वी पर समुद्री ज्वार का आकार भी बदल जाएगा। ऐसे में समुद्र में उठती लहरें या तो हमें बहुत कम देखने को मिलेंगी या फिर कोई हलचल नहीं होगी। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि सूरज भी ज्वार को प्रभावित करेगा। चांद जब भी पृथ्वी के निकट आता है तो पृथ्वी को अपने गुरुत्वाकर्षण बल से अपनी ओर खींचता है लेकिन इस खिचाव का ठोस जमीन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता परन्तु समुंद्री जल में हलचल पैदा कर देता है। अगर चांद नहीं रहा तो ऐसा नहीं होगा।

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