धर्मनगरी में शराब पार्टी के दौरान मामूली विवाद, चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर युवक को उतारा मौत के घाट, इलाके में फैली सनसनी, आरोपी अभय गिरफ्तार

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राजनांदगांव/डोंगरगढ़ : राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ शहर में मंगलवार रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया. राधिका नगर-कश्मीरी पारा इलाके में धारदार हथियार से किए गए हमले में एक युवक की मौत हो गई. वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
विवाद के बाद किया गया जानलेवा हमला
मिली जानकारी के मुताबिक 28 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे कश्मीरी पारा मोहल्ले में शाहरुख खान अपने भाई फारुख खान, मित्र सुमित विश्वकर्मा उर्फ बोंगो और धनु यादव उर्फ धनेश के साथ कश्मीरी पारा स्थित धनु यादव के घर जा रहा था. इसी दौरान पहले से विवाद रखने वाला अभय निषाद हाथ में लकड़ी का डंडा लेकर पहुंचा और गाली-गलौच करते हुए हमला कर दिया.
डंडे और चाकू से किया वार
भागने के दौरान शाहरुख खान गिर गया. जिस पर आरोपी ने लकड़ी के डंडे से उसके सिर पर हमला कर दिया. इसके बाद आरोपी अभय निषाद ने धारदार चाकू से कश्मीरी पारा निवासी धन्नू ठाकुर उर्फ धनेश उम्र 33 साल के पेट में वार कर दिया. गंभीर रूप से घायल धनु यादव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
वारदात की खबर मिलते ही डायल-112 और थाना डोंगरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची. शाहरुख खान की शिकायत पर थाना डोंगरगढ़ में अपराध क्रमांक 419/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 एवं 103(1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभय निषाद को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद
इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है, कि शहर के कई इलाकों में देर रात तक खुलेआम शराबखोरी और नशाखोरी होती है, जिसकी शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं. इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. पिछले कुछ समय में डोंगरगढ़ में नशे की हालत में मारपीट, चाकूबाजी और हिंसक घटनाओं के कई मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर धर्मनगरी में बढ़ते नशे के कारोबार और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली शराबखोरी पर कब तक प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा. इस वारदात ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या डोंगरगढ़ में बढ़ती नशाखोरी पर अब कोई ठोस और सख्त उठाएगी.

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