रायगढ़/लेलूंगा : रायगढ़ जिले के लेलूंगा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोड़केल से एक मामला सामने आया है. जहां एक महिला ने एक व्यक्ति पर करीब 15 साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहने के बाद बिना जानकारी दिए दूसरी शादी करने और अब साथ रखने से इंकार करने का आरोप लगाया है. महिला ने मामले में कार्रवाई और इंसाफ की मांग करते हुए लेलूंगा थाने के साथ एसपी कार्यालय में शिकायत दी है.
महिला का कहना है कि लंबे समय तक साथ रहने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने दूसरी महिला से शादी कर ली. इसके बाद वह उसके साथ रहने से इंकार कर रहा है. शिकायत में महिला ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है.
मामले में एक दूसरा गंभीर आरोप भी सामने आया है. महिला के मुताबिक बिलासपुर निवासी सरोज केरकेट्टा, संजय मिश्रा, पद्मिनी और एक अन्य व्यक्ति ने उसे इंसाफ दिलाने और मामले का समाधान कराने का भरोसा दिलाया. महिला का दावा है कि इस भरोसे के चलते उससे कुल 77 हजार रुपये लिए गए. इसमें कुछ रकम कथित तौर पर नकद दी गई, जबकि कुछ राशि PhonePe के जरिए सरोज केरकेट्टा और पद्मिनी के खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम मिलने के बाद संबंधित लोगों ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। महिला का कहना है कि इसके बाद उसे न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही उसके मामले में अपेक्षित मदद मिली. इसी आधार पर महिला ने पूरे लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है.
महिला ने अपनी शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है. शिकायत की कॉपी संबंधित अधिकारियों को भी दिए जाने की बात सामने आई है.
अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. रकम किस मकसद से ली गई थी और कथित लेनदेन के पीछे क्या हालात थे.
इस मामले ने इंसाफ दिलाने के नाम पर आम लोगों से कथित तौर पर रकम लेने और ऐसे मामलों में बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई का विषय बन सकता है.
फिलहाल, महिला की शिकायत के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है. आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध दस्तावेजों/लेनदेन के सबूतों के आधार पर ही होगी। संबंधित पक्षों का बयान सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है.
2026-08-09











