गरियाबंद : तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर में मंगलवार को आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग एवं समस्त आदिवासी समाज मैनपुर द्वारा विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ व बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. पारंपरिक परिधानो मे सजे धजे आदिवासी समाज के लोगो ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओ को जीवंत प्रदर्शन किया. रैली के दौरान चारो तरफ ढोल नंगाड़ो और मादर की थाप पर गुंजायमान पारंपरिक आदिवासी रेला पाटा नृत्य आकर्षण का केन्द्र बना रहा. देर रात तक यह रैली मैनपुर नगर के मुख्यमार्ग से होते हुए अंबेड़कर चौक और बस स्टैंड शिक्षक कालोनी के साथ ही सामुदायिक भवन पहुंची. सुबह 10 बजे विशेष पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.
इस कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, सर्व यादव समाज अध्यक्ष रमेश यदु, अध्यक्षता आदिवासी विकास परिषद के संरक्षक अमृतलाल नागेश, मुख्य प्रवक्ता संदीप सलाम, आदिवासी महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम, जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, सरपंच हनिता नायक, सर्व यादव समाज के महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष धनमति यादव, शासकीय सेवक संघ के अध्यक्ष भागसिंग कोमर्रा, ध्रुव गोड़ समाज प्रमुख नोकेलाल ध्रुव, सरपंच नरेन्द्र ध्रुव, आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष उमेंदी कोर्राम, भीमसेन मरकाम, महेन्द्र नेताम, सरपंच गज्जु नेगी, रामकृष्ण ध्रुव, गेंदु यादव, नंदनी नेताम, जनपद सदस्य कुमारीबाई पटेल, खिलेन्द्र कुटारे, थानुराम पटेल, जनपद सदस्य प्रताप मरकाम, निहाल नेताम एवं कई समाज प्रमुखो के साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठजन उपस्थित थे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बिन्द्रानवागढ विधायक जनक धु्रव ने विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज के लोगो को अपने अधिकारो के लिए सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा भाजपा सरकार आदिवासी विरोधी है. प्रदेश के मुख्यमंत्री विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी समाज की उपेक्षा किया है. एक बधाई संदेश भी नही दिया। भाजपा आदिवासी समाज को केवल वोटबैंक के रूप मे देखती है. जनक ध्रुव ने कहा आज आदिवासी समाज के कारण जल जंगल जमीन सुरक्षित है.
आदिवासी महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि आदिवासी समाज का काफी गौरवशाली इतिहास रहा है .आज इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए है. जल जंगल जमीन का असली मालिक यहां के मूलनिवासी आदिवासी है. आदिवासी समाज प्रदेश और देश का गौरव है. आदिवासी समाज की एक अपना अलग परंपरा और संस्कृति हैै.
सर्व यादव समाज प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग अपने त्यौहारों को पूरी परंपरा और रीति रिवाज के अनुसार मनाते हैं. यादव समाज हमेशा से आदिवासी समाज के साथ मिलकर कार्य करती आ रही है. हम सबको संगठित रहने की जरूरत है.
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल एक उत्सव नही बल्कि हमारी संस्कृति पहचान गौरवशाली इतिहास और जल जंगल जमीन की रक्षा के संकल्प का दिन है. समाज को शिक्षा स्वास्थ्य और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एकजूट होना होगा.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धनमति यादव, आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम, संदीप सलाम, अमृतलाल नागेश ने कहा कि आदिवासी समाज को अपने अधिकारो के लिए अब सामने आने की जरूरत है। हमारे अधिकारों का हनन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आदिवासी काफी सीधे सरल व सज्जन स्वभाव के होते है. समाज के बच्चे अच्छे शिक्षा हासिल कर परिवार समाज और राष्ट्र के विकास मे योगदान देंगें.
आदिवासी समाज द्वारा भव्य रैली निकालकर अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार रेला पाटा नृत्य प्रस्तुत किया गया. आदिवासी नृत्य को देखने हजारो की संख्या में दूर-दूर से लोग पहुंचे हुए थे. वही कार्यक्रम के दौरान समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओ प्रतिभावान छात्रो को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से गज्जु नेगी, गगन नेगी, सुभाष मरकाम, मुकेश कपिल, युवराज नेताम, लोकेश नेगी, योगेन मरकाम, कमलकिशोर मरकाम, दौलत नेताम, तेजश मरकाम, ललित मरकाम, बोले मांझी, उमेन्द्र नेताम, नंदकिशोर नेगी, थंजुलता नेताम, धनसिंग नेगी, रोमन नेगी, खिलेन्द्र परस, हर्षलता नेगी, प्रिया, रेखा, झरना मरकाम, कमलेश्वरी नागेश, कुमेश्वरी, युवरानी नेताम, चेतना नेताम, मोनिका, गोदावरी, चांदनी तिरधारी, गुलशन नेताम, तारिणी मरकाम, अंजली नेताम, नकुल, किरण, परमेश्वर, मोनु रामटेके, संतोष ध्रुव, धनमति बाई, शंकर नागेश, गोपी नेताम, युवराज नेताम, तनवीर राजपूत सहित हजारो की संख्या मे आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन आदिवासी नेता महेन्द्र नेताम ने किया एवं आभार प्रदर्शन महिला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश्वरी नेताम ने किया.
मुस्लिम समाज मैनपुर के युवाओं ने पेश की कौमी एकता की मिशाल
गरियाबंद : तहसील मुख्यालय मैनपुर में आदिवासी समाज द्वारा विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य मे निकाली गई रैली के दौरान मैनपुर नगर में समरसता और गंगा जमुनी तहजीब की एक मिशाल देखने को मिली। इस दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं द्वारा आदिवासी भाईयो के सम्मान के साथ -साथ स्वागत किया और स्वल्पाहार ठंडा पानी चाय शरबत पिलाई गई.
मैनपुर में आपसी भाईचारा देखने को मिला। इस दौरान मुस्लिम समाज के युवा जाहिद रजा, अजहर मेमन, शेख हुसैन, नजीब बेग, अतहर, इम्तियाज मेमन, हाजी सरफराज मेमन, शेरू खान, हैदर मेमन, सिकन्दर मेमन, जुब्बू भाई, शेख शरीफ, जैद भाई, उवै भट्टी, फैशल, शेख फैजान, सुल्तान मेमन, गुलाम मुस्तफा, गोलु भाई, अहसन रजा, शाहरूख खान, सलमान खान, अयान भट्टी, उवैश भट्टी, अफजल खान, अमान मेमन सहित बड़ी संख्या मे मुस्लिम समाज के लोग उपस्थित थे.
आरएसएस के विरोध के कारण आदिवासी मुख्यमंत्री अपने समाज का उत्सव नहीं मना पा रहे : जनक ध्रुव
गरियाबंद : विश्व आदिवासी दिवस को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर आदिवासी समाज की अस्मिता और संस्कृति के विरोध का आरोप लगाया. बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने स्थानीय रेस्ट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा आदिवासी विरोधी है. 9 अगस्त को पूरी दुनिया में आदिवासी समाज ने विश्व आदिवासी दिवस मनाया. लेकिन भाजपा के किसी नेता, यहां तक कि आदिवासी नेताओं, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री की तरफ से भी आदिवासी समाज के लिए बधाई संदेश नहीं आया. पत्रकार वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, रमेश शर्मा छगन यादव और नीरज ठाकुर, पवन सोनकर सुनील तिवारी, रमेश वर्मा सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि वर्ष 2023 के पहले भाजपा के नेता भी विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते थे. लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार द्वारा शासकीय स्तर पर विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस आदिवासियों की संस्कृति और अस्मिता को नष्ट कर उन्हें ‘वनवासी’ की पहचान देने पर तुली हुई है. इसी वजह से विश्व आदिवासी दिवस का विरोध किया जा रहा है.
खोखमा पंचायत में ‘बिलों की बाजीगरी’! उपसरपंच से जुड़े बिल ने खोली वित्तीय प्रक्रिया की पोल?
उन्होंने कहा कि आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और सभ्यता को दुनिया के सामने रखने का मौका है. आदिवासी संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन और मौलिक संस्कृतियों में से एक है. जिस छत्तीसगढ़ में करीब 32% आबादी आदिवासी समाज की है. और जहां प्राचीन आदिवासी सभ्यताओं की समृद्ध परंपरा मौजूद है. वहां सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस को शासकीय स्तर पर नहीं मनाना आदिवासी समाज का अपमान है.
जनक ध्रुव ने कहा कि आरएसएस आदिवासी संस्कृति को स्वतंत्र सभ्यता के रूप में स्वीकार करने का विरोध करती है. आदिवासी समाज को आज भी पिछलग्गू बनाकर रखने की मानसिकता दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने एक आदिवासी को मुख्यमंत्री तो बना दिया. लेकिन उन्हें अपने ही आदिवासी भाई-बहनों के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाने से भी रोक रही है.
रजिस्ट्री के नाम पर ‘अतिरिक्त कमाई’ का खेल!
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को भाजपा सिर्फ वोट बैंक के रूप में देखती है. विश्व आदिवासी दिवस का विरोध कर भाजपा ने आदिवासियों और उनकी संस्कृति के प्रति अपना रवैया स्पष्ट कर दिया है. इसे छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज भूलेगा नहीं.
आरएसएस पर जनक ध्रुव का आरोप
जल,जंगल,जमीन ही आदिवासी समाज की पहचान….विधायक ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस हमें अपनी जड़ों को याद करने और उन पर गर्व करने का दिन है. आदिवासी समाज ने सदियों से जल, जंगल,जमीन,प्रकृति और मानवता के बीच संतुलन बनाकर रखा है. जंगल उनके लिए केवल लकड़ी,नदी सिर्फ पानी और जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं है. जंगल उनका जीवन,जल उनकी सांस,जमीन उनकी पहचान और संस्कृति उनकी आत्मा है.
उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा, कांकेर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोरबा, जशपुर,बलरामपुर और गरियाबंद के वनांचलों तक आदिवासी समाज ने अपनी मेहनत, संस्कृति और संघर्ष से छत्तीसगढ़ की पहचान बनाई है. आदिवासी संस्कृति के बिना छत्तीसगढ़ की पहचान अधूरी है उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अस्मिता, अधिकार और जल-जंगल-जमीन के अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा. भाजपा और आरएसएस भले ही विश्व आदिवासी दिवस का विरोध करें. लेकिन आदिवासी समाज इसे गर्व से मनाता रहा है और आगे भी मनाता रहेगा.











