रिश्वतखोर बीईओ चंद्र कुमार यार्दा गिरफ्तार, शिक्षिका से मांगी थी 80 हजार रुपए की रिश्वत,पहली किश्त लेते ही ACB ने दबोचा, टीचर ने कराया ट्रैप

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सुकमा : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. कोंटा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एसीबी की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए बीईओ को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है. शिक्षकों की एरियर्स राशि तैयार करने और भुगतान से संबंधित काम के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने यह कार्रवाई की है. एसीबी की अचानक हुई कार्रवाई से बीईओ कार्यालय में हड़कंप मच गया. टीम ने कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मामले से जुड़े अन्य कागजात की जांच शुरू कर दी है. रिश्वत की मांग और लेन-देन से संबंधित सबूत भी जुटाए जा रहे हैं.
एरियर्स के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत
मिली जानकारी के मुताबिक कोंटा क्षेत्र के शिक्षकों की एरियर्स राशि से जुड़े काम को पूरा करने के नाम पर पैसे मांगे जाने की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो तक पहुंची थी. आरोप था कि एरियर्स की राशि तैयार करने और उससे संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी. शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने अपने स्तर पर उसका सत्यापन किया. शिकायत में सामने आए तथ्यों के आधार पर अधिकारियों ने बीईओ कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करने की योजना तैयार की. पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए टीम ने रिश्वत के कथित लेन-देन पर नजर रखी.
10 हजार रुपये लेते पकड़ा
तय प्लान के मुताबिक एसीबी की टीम कोंटा पहुंची. बताया जा रहा है कि जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ. पहले से तैयार टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी चंद्र कुमार यार्दा को 10 हजार रुपये लेते पकड़ लिया. इसके फौरन बाद एसीबी के अधिकारियों ने कार्यालय में जांच शुरू कर दी. कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई. टीम ने रिश्वत से संबंधित रकम को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के साथ दस्तावेजों की जांच शुरू की.
दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
एसीबी की टीम बीईओ कार्यालय में रखे दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है. खासतौर पर शिक्षकों के एरियर्स से संबंधित फाइलों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है. अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े अन्य सबूत कार्यालय के रिकॉर्ड में मौजूद हैं या नहीं. इसके अलावा पूरे मामले में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका है या नहीं, इसकी स्थिति भी विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी.
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। मामले में आरोपी अधिकारी चंद्र कुमार यार्दा के खिलाफ आगे कौन-कौन सी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी और जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं. इसकी विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है. एसीबी की टीम शिकायतकर्ता से मिली जानकारी, रिश्वत की कथित मांग, रकम के लेन-देन और कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है. कोंटा जैसे क्षेत्र में शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालय में रिश्वतखोरी की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ा दी है. फिलहाल एसीबी की जांच पूरी होने और आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.

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