सरकार की नजर खाने के तेलों की कीमतों पर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एडिबल ऑयल के नीचे आ रहे दामों को लेकर सरकार सतर्क है और इसका फायदा देश के कंज्यूमर्स को दिलाने के लिए कदम उठा रही है. 4 मई को इसी बारे में डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन के सेक्रेट्रेरी संजीव चोपड़ा ने एडिबल ऑयल इंडस्ट्री के प्रमुख प्रतिनिधित्वों के साथ बैठक के दौरान कहा कि ग्लोबल खाने के तेल की कीमतों में आ रही गिरावट का फायदा तुरंत ग्राहकों को दिया जाना चाहिए.
सरकार ने इंडस्ट्री दिग्गजों से की बात
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इंपोर्टेड एडिबल ऑयल के गिरते दामों के बीच भारत में खाने के तेलों को लेकर पॉजिटिव रुख बन रहा है और सरकार ने इस बीच खाने के तेल के उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी संस्थाओं से बात करके इनकी कीमतों को कम करने के लिए कहा है. कल हुई बैठक में सॉल्वेंट एक्सट्रेक्शन ऑफ इंडिया (SEAI) और इंडियन वेजिटेबिल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) के प्रतिनिधि सरकार के साथ शामिल थे और ग्लोबल ऑयल कीमतों में आ रही गिरावट का फायदा देश के कंज्यूमर्स को कैसे दिया जाए इस पर चर्चा कर रहे थे.
जल्द ही घटेंगे खाने के तेलों के दाम
इंडस्ट्री के जानकारों ने सरकार को सूचना दी कि ग्लोबल तौर पर खाने के तेल के अलग-अलग प्रकारों में 200 से सेलकर 250 डॉलर प्रति टन की गिरावट आ चुकी है लेकिन इस गिरावट का फायदा रिटेल बाजारों को मिलने में समय लगेगा. हालांकि उन्होंने कहा है कि जल्द ही एडिबल ऑयल के दामों में जल्द ही कटौती होने की उम्मीद है.
क्या मिला है भरोसा
अग्रणी एडिबल ऑयल एसोसिएशन्स को सलाह दी गई है कि इस मामले पर जल्द से जल्द अपने मेंबर्स के साथ चर्चा की जाए. इसके साथ ही उन्होंने भी इस बात का आश्वासन दे दिया है कि हरेक एडिबल ऑयल की एमआरपी को ग्लोबल ऑयल की कीमतों के मुताबिक ही नीचे ले आया जाएगा.
कल मदर डेयरी ने घटा दिए हैं खाने के तेल के दाम
धारा ब्रांड के नाम से एडिबल ऑयल बेचने वाली मदर डेयरी ने खाने के तेल के दामों के एमआरपी में 15 से 20 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का एलान कर दिया है. अगले हफ्ते जब बाजार में नया स्टॉक आएगा तो लोगों को खुदरा बाजार में सस्ता खाने का तेल उपलब्ध हो सकेगा.











