सूरजपुर/प्रतापपुर : सूरजपुर जिले के जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत नरोला की शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है. जांच के दौरान 348 क्विंटल चावल की कमी के साथ शक्कर और चना में भी अनियमितता पाए जाने का दावा किया गया है. इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है. राशन दुकान संचालन से जुड़े गोविंदपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष का नाम सामने आने के बाद कार्रवाई नहीं होने को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं.
कलेक्टर के संज्ञान में मामला आने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शासकीय उचित मूल्य दुकान की जांच की थी. जांच में राशन की कमी पाए जाने के बाद संबंधित समिति को निलंबित कर नोटिस जारी किया गया. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में राशन की कमी सामने आने के बावजूद अब तक पुलिस में एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रभावशाली लोगों का नाम सामने आने की वजह से कार्रवाई में देरी हो रही है. इसी वजह से ग्रामीण संबंधित विभाग की कथित साठगांठ की आशंका भी जता रहे हैं. हालांकि ये आरोप ग्रामीणों की तरफ से लगाए गए हैं और इनकी वास्तविकता प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के गरीब परिवार सरकारी राशन पर निर्भर हैं. राशन नहीं मिलने की स्थिति में उन्हें बाजार से महंगे दाम पर खाद्यान्न खरीदना पड़ता है. ऐसे में ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि गरीबों के हिस्से का राशन आखिर कहां गया और इतनी बड़ी कमी के लिए जिम्मेदार कौन है.
ग्रामीणों ने वीडियो जारी कर प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें उनके हिस्से का राशन उपलब्ध कराया जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए. ग्रामीणों के मुताबिक कार्रवाई में देरी होने से राशन दुकानों में गड़बड़ी करने वालों का मनोबल बढ़ सकता है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गोविंदपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित जांच में जिन-जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनकी जिम्मेदारी तय की जाए.
फिलहाल समिति के निलंबन और नोटिस की कार्रवाई के बाद ग्रामीणों की नजर आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर है. 348 क्विंटल चावल की कमी सहित अन्य अनियमितताओं के मामले में एफआईआर कब दर्ज होगी और जिम्मेदारी किसकी तय होगी. यह बड़ा सवाल बना हुआ है. ग्रामीणों ने प्रशासन से गरीबों के हक का राशन उपलब्ध कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
2026-09-02











