होम लोन पर ब्याज पहले से ज्यादा हो चुका है. आरबीआई की ओर से कई बार रेपो रेट को संशोधित किया गया है. इस कारण होम लोन का ब्याज भी पहले से ज्यादा हो चुका है. ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने के बाद पब्लिक सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एसबीआई एक योजना शुरू करने पर विचार कर रहा है.
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) इस योजना के तहत उधारकर्ताओं को ग्रीन हाउसिंग परियोजनाओं में इकाइयां खरीदने के लिए इनसेंटिव देगी. मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत बैंक ब्याज दरों पर 10-25 आधार अंक (बीपीएस) की छूट की पेशकश करेगी. एसबीआई ने पहले इसी तरह की होम लोन योजना पेश की थी, लेकिन 2018 में इसे बंद कर दिया.
पर्यावरण के अनुकूल घर के लिए शुरू की थी योजना
वित्तीय वर्ष 2009-10 में कर्जदाता ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में खुलासे के अनुसार, डेवलपर्स को पर्यावरण के अनुकूल आवासीय परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘एसबीआई ग्रीन होम’ पहल शुरू की थी.
बैंक के मुताबिक, प्रस्तावित की गई योजना पर्यावरण, सामाजिक और कॉरपोरेट गवर्नेंस या ईएसजी अनुपालन बिल्डरों का मूल्यांकन करना है और होमबॉयर्स को सस्ते लोन की पेशकश करना है. खुदरा ग्राहकों के लिए छूट मौजूदा 9.15 फीसदी पर बाहरी बेंचमार्क बेस्ड उधार दर के आधार पर तय होगी.
आवास विकास की मांग पर जोर देती ये योजना
गौरतलब है कि फरवरी में, SBI ने 1 बिलियन डॉलर का एक सिंडिकेटेड सोशल लोन पूरा किया, जिसमें बेस राशि में 500 मिलियन डॉलर और अन्य 500 मिलियन डॉलर का ग्रीन शू विकल्प शामिल था. ग्रीन होम लोन उत्पाद को फिर से पेश करने की एसबीआई की योजना टिकाऊ आवास विकास की बढ़ती मांग पर जोर देती है.











