घट गया ऑनलाइन पेमेंट, पेट्रोल पंप और ई-कॉमर्स के लिए 2000 रुपये के नोट से हो रहे धड़ल्ले से भुगतान

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने के बाद देश में कैश के जरिए पेमेंट करने के ट्रेंड में जोरदार इजाफा हुआ है. लोगों ने कैश-ऑन-डिलीवरी ऑप्शन के साथ ऑनलाइन आइटम ऑर्डर भी कैश पेमेंट के जरिए करना शुरू कर दिया है. यह बताया गया है कि कैश-ऑन-डिलीवरी का ऑप्शन चुनने वाले ऑनलाइन फूड डिलीवरी एग्रीगेटर जोमाटो के लगभग 75 फीसदी यूजर्स 2,000 रुपये के नोटों के साथ पेमेंट कर रहे हैं. ये जानकारी भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक अनुसंधान विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक समने आई है.

पेट्रोल पंपों पर कैश ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ा
पेट्रोल पंपों पर कैश ट्रांजेक्शन तेजी से बढ़ा है और कैश पेमेंट करने वाले कस्टमर्स 2000 रुपये के नोट का इस्तेमाल कर रहे हैं. अखिल भारतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) ने कहा है कि डिजिटल पेमेंट, जो पंपों पर दैनिक बिक्री का 40 फीसदी हुआ करता था, घटकर 10 फीसदी रह गया है जबकि कैश सेल में जोरदार तेजी से इजाफा हुआ है.

कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनने वाले कस्टमर्स की संख्या में जोरदार इजाफा
एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ई-कॉमर्स, फूड और ऑनलाइन ग्रॉसरी सेगमेंट में कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन चुनने वाले कस्टमर्स की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है. रिपोर्ट में मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थानों में 2000 रुपये के नोटों के जरिए दान में बढ़ोतरी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स आइटम्स, बुटीक फर्नीचर जैसी विविध अलग-अलग खरीदारी की उम्मीद है.

ऊंचे खर्च के लिए भी इस्तेमाल हो रहे 2000 रुपये के नोट
हालांकि, आरबीआई ने कस्टमर्स को 2000 रुपये के नोट जमा करने या बदलने के लिए कहा था, लेकिन यह उम्मीद की जाती है कि दो हजार के नोट ऊंची कीमत के खर्च जैसे सोना/ज्वैलरी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे एसी, मोबाइल फोन आदि और रियल एस्टेट में ट्रांसफर हो सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2 हजार के नोटों के माध्यम से संचयी रूप से 92,000 करोड़ रुपये की बचत बैंक जमा राशि से जनता द्वारा लगभग 55,000 करोड़ रुपये निकाले जा सकते हैं. इससे पैसे की गति को बढ़ाने के साथ-साथ खपत को बढ़ावा मिलना चाहिए.

 

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