हड्डियों पर ही हमारे शरीर का पूरा आधार टिका है. अगर हड्डियां कमजोर होंगी तो हमें कोई भी काम सही से करने में दिक्कत होगी. आमतौर पर 20 साल के बाद हड्डियों का विकास रूक जाता है. इसके बाद हड्डियों से पोषक तत्वों का रिसाव न हो, इसके लिए पौष्टिक डाइट की जरूरत होती है. कैल्शियम, विटामिन डी दो ऐसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स हैं जिनकी जरूरत हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन अगर हमारा खान-पान खराब होने लगता है तो बुढ़ापे में हड्डियों से पोषक तत्व रिसने लगते हैं और इससे हड्डियां कमजोर होने लगती है. इसका नतीजा होता है हड्डियों में फ्रेक्चर या ऑस्टियोपोरोसिस. 60 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों और मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में बोन फ्रेक्चर का खतरा ज्यादा रहता है.
ब्रिटिश हेल्थ मिनिस्ट्री की वेबसाइट ने एक रिसर्च के हवाले से बताया है कि अगर जवानी में विटामिन ए वाले फूड का ज्यादा सेवन किया जाए तो बुढ़ापे में बोन फ्रेक्चर का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है. यही कारण है कुछ लोगों को ज्यादा उम्र के बाद ऑस्टियोपोरिसिस हो जाता है. वहीं मेनोपॉज के बाद की महिलाओं में बोन फ्रेक्चर का जोखिम सबसे अधिक बढ़ जाता है. इसलिए जवानी के दिनों में विटामिन ए का सीमित सेवन करने की सलाह दी गई है.
ये तीन फूड बढ़ाते हैं बोन फ्रेक्चर के जोखिम
1. एनिमल लिवर- एनएचएस के मुताबिक एनिमल लिवर में सबसे अधिक विटामिन ए पाया जाता है. हमें जितने विटामिन ए की जरूरत होती है, उससे दोगुना विटामिन ए इसमें पाया जाता है. इसलिए कहा गया है कि सप्ताह में एक दिन से ज्यादा लिवर का सेवन बिल्कुल न करें. इससे बुढ़ापे में बोन फ्रेक्चर का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा.
2. फिश लिवर ऑयल- कुछ मछलियां बहुत तेल वाली होती है. बड़ी मछलियों का लिवर भी बड़ा होता है. मछलियों के लिवर से जो तेल निकलता है, उसमें काफी मात्रा में विटामिन ए होता है. इसलिए ऐसी मछलियों का लिवर भी ज्यादा न खाएं. आजकल कुछ लोग सप्लीमेंट के तौर पर फिश लिवर ऑयल का भी सेवन करते हैं. एनएचएस के मुताबिक ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए. फिश लिवर ऑयल बाद में ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को बढ़ा देगा.
3. अंडा- यंग जेनरेशन मसल्स के ग्रोथ के लिए अंडे का खूब अधिक सेवन करते हैं. वैसे भी कहा जाता है कि अंडे का ज्यादा सेवन हर दिन नहीं करना चाहिए. अंडा में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन ए होता है. इसलिए एक दिन में दो या तीन से ज्यादा अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए.
रोजाना कितने विटामिन ए की जरूरत
एनएचएस के मुताबिक एक दिन में एक वयस्क इंसान को 1.5 मिलीग्राम या 1500 माइक्रोग्राम से ज्यादा विटामिन ए का सेवन नहीं करना चाहिए. इतना विटामिन ए हम जो चीजें खाते हैं, उनसे आ ही जाता है. इसलिए विटामिन ए को प्राप्त करने के लिए अलग से लिवर का सेवन न करें.
लिवर की जगह क्या खाएं
एनिमल लिवर की जगह कई ऐसी चीजें हैं जिनका सेवन करने से आसानी से विटामिन ए की जरूरत पूरी हो सकती है. विटामिन ए के लिए हरी सब्जियां, पालक, गाजर, शकरकंद, पीले फल जैसे कि आम, पपीता या खुबानी आदि का सेवन ज्यादा करें.








