आज से खुल गए केदारनाथ धाम के कपाट, जानें चारधाम यात्रा की 4 रोचक बातें

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का विशेष महत्व है. इस साल की उत्तराखंड चारधाम यात्रा की शुरुआत 22 अप्रैल 2023 दिन शनिवार से हो चुकी है. आज यानी 25 अप्रैल 2023 दिन मंगलवार से केदारनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं. हालांकि वहां तेज बारिश और बर्फबारी हो रही है, जिसके चलते हरिद्वार और ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों के लिए केदारनाथ धाम की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर 30 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है. चारधाम यात्रा का महत्व.

केदारनाथ धाम यात्रा 25 अप्रैल 2023
इस साल दर्शन के लिए केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल 2023 को सुबह 6:20 पर मेघ लग्न में विधि विधान से खोल दिए गए. 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम भी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत युद्ध में की गई अपने भाइयों की हत्या के पाप का प्राश्चित करने के लिए पांडव केदारनाथ आए थे.

बद्रीनाथ धाम यात्रा 27 अप्रैल 2023
27 अप्रैल 2023 के दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर भक्तगण बद्रीनाथ के दर्शन कर पाएंगे. धार्मिक मान्यता के अनुसार बद्रीनाथ धाम के दर्शन के बिना चारधाम की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती. भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक नर और नारायण ऋषि की तपोभूमि है बद्रीनाथ. प्रचलित मान्यता के अनुसार जो जाए बदरी वो ना आए ओदरी. अर्थात जो व्यक्ति एक बार बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है वो मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है. फिर दोबारा उसका जन्म नहीं होता.

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम यात्रा 22 अप्रैल 2023
शीतकालीन प्रवास मुखवा से 21 अप्रैल 2023 को मां गंगा की डोली गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी. 22 अप्रैल 2023 को गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:35 पर खुल चुके हैं. 22 अप्रैल 2023 को चारधाम के पहले प्रमुख तीर्थ स्थान में से एक यमुनोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:41 पर खुल चुके हैं. ये कपाट कर्क लग्न और अभिजीत मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोले गए हैं.

चार धाम यात्रा का महत्व
1-  सनातन धर्म में चार धाम मंदिर का बेहद ही खास महत्व है, प्रचलित मान्यता के अनुसार इन चारों धाम पर दिव्य शक्तियों का निवास है.

2- धार्मिक मान्यता के अनुसार, चार धामों में बद्रीनाथ को सबसे श्रेष्ण आठवां वैकुंठ धाम माना जाता है. कहा जाता है कि इस स्थान पर भगवान विष्णु 6 माह तक निंद्रा में रहते हैं और छह महीने तक जागृत अवस्था में होते हैं.

3- केदारनाथ धाम भगवान शिव का आराम स्थान माना जाता है. यह स्थान भगवान विष्णु के 24 अवतार में से एक नर और नारायण की तपोभूमि के रूप में प्रचलित है. इसी स्थान पर भगवान शिव ने दर्शन दिए थे.

4- धार्मिक मान्यता है कि चार धाम यात्रा करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है.

 

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