सुनील दत्त फिल्म इंडस्ट्री के बेहतरीन सितारों में से एक थे. उनकी अदाकारी पर लोग फिदा हो जाते थे. सुनील दत्त अपने हर किरदार से फैंस का दिल जीतने में कामयाब हुए. उन्होंने अपने करियर में शोहरत के साथ-साथ दौलत भी कमाई, लेकिन उनकी लाइफ में एक ऐसा वक्त आया जब उन्हें अपनी कारें बेचनी पड़ गई थी. घर को भी गिरवी रख दिया था. उन पर लाखों रुपये का कर्ज चढ़ गया था. आज सुनील दत्त की 94वीं बर्थ एनिवर्सरी है. इस मौके पर आपको उनसे जुड़ा एक किस्सा बताते हैं, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.
अर्श से फर्श पर आ गए थे सुनील दत्त
दरअसल, सुनील दत्त का ऐसा हाल उनके एक फैसले की वजह से हुआ था. अगर वह फिल्म रेशमा और शेरा को दोबारा शूट करने का डिसीजन नहीं लेते, तो उन्हें इस समस्या से नहीं गुजरना पड़ता. ये फिल्म साल 1971 में रिलीज हुई थी. इसे सुनील दत्त ने प्रोड्यूस किया था और उन्होंने खुद लीड भूमिका भी निभाई थी, लेकिन शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिससे सुनील दत्त ने फिल्म की शूटिंग दोबारा करने का फैसला किया और फिर वह अर्श से फर्श पर आ गए थे.
इस फैसले के चलते कर्ज में डूब गए थे सुनील दत्त
‘रेशमा और शेरा’ को शुरुआत में सुखदेव डायरेक्ट कर रहे थे, लेकिन सुनील दत्त को उनका काम पसंद नहीं आया और फिर उन्होंने खुद डायरेक्शन की कमान संभाल ली. फिल्म को दोबारा शूट करने का फैसला किया. बताया जाता है कि 15 दिन में शूटिंग कंप्लीट होने वाली थी, लेकिन फिर इसे पूरा करने में 2 महीने लग गए. फिल्म पूरी होते-होते सुनील दत्त पर 60 लाख रुपये का कर्ज हो गया था.
बेचनी पड़ीं कारें, घर को रख दिया था गिरवी
सुनील दत्त ने एक इंटरव्यू में इसके बारे में बताया था. उन्होंने कहा था कि जब फिल्म रेशमा और शेरा फ्लॉप हुई, तो लोग उनसे अपने पैसे मांगने लगे. सुनील दत्त ने बताया, ‘मैं दिवालिया हो गया था. मुझे अपनी सारी कारें बेचनी पड़ गई थीं. बस एक कार रखी थी, बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए. मैंने बस में सफर करना शुरू कर दिया था. गेटकीपर से लेकर बस कंडक्टर तक मेरा मजाक उड़ाते थे. मेरा घर गिरवी रखा हुआ था. प्रोड्यूसर्स मेरी फिल्मों को फाइनेंस करने से मना करने लगे थे. उस समय डायरेक्टर्स मुझे बी-ग्रेड की फिल्में ऑफर करने लगे थे.’ हालांकि, कुछ समय बाद सुनील दत्त की आर्थिक स्थिति फिर से ठीक हो गई थी.








