नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui), यह नाम सुनकर एक प्रतिभाशाली एक्टर की छवि सामने आती है, जो अपने हर किरदार से दर्शकों को चौंका देता है. चाहे कैसा भी किरदार हो नवाज उसमें जान डाल देते हैं. यही कारण है कि नवाज की एक्टिंग का हर कोई कायल है लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था. नवाज के लिए भी शुरुआती दिन काफी मुश्किल भरे थे. मनोरंजन जगत में पैर जमाने के दौरान उन्हें कई तकलीफों का सामना करना पड़ा है. हाल ही एक इंटरव्यू में नवाज ने अपने शुरुआती दिनों की परेशानियां साझा की. उन्होंने बताया किस तरह उन्हें कॉलर पकड़कर बाहर कर दिया जाता था.
नवाजुद्दीन ने अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से फिल्मी दुनिया में अलग पहचान बनाई थी. इसके बाद नवाज ने कई शेड्स के किरदार निभाए और उन्हें दर्शकों ने पसंद भी किया. बीते दिनों नेहा शर्मा के साथ वे फिल्म ‘जोगिरा सारा रा रा’ में नजर आए थे. अब जल्द ही वे फिल्म ‘हड्डी’ में ट्रांसजेंडर के किरदार में नजर आएंगे.
कैटेगिरी के हिसाब से कर दिया जाता है अलग
नवाज ने हाल ही बीबीसी हिंदी से अपने कॅरियर के शुरुआती दिनों को लेकर खुलकर बातचीत की. उनका कहना था, ‘जब मैं स्पॉट बॉय से पानी मांगता था तो मुझे इग्नोर कर दिया जाता था. फिर मुझे खुद उठकर पानी पीना पड़ता था. यहां बहुत से प्रोडक्शन हाउस हैं, जो कास्ट और अन्य क्रू को खाने के समय अलग अलग रखती है. जूनियर आर्टिस्ट अलग खाते हैं. सपोर्टिंग आर्टिस्ट का अलग स्पेस होता है और फिल्म के लीड एक्टर्स अलग खाते हैं. कई बार मैं जब ए लिस्ट एक्टर्स के साथ बैठकर खाने की कोशिश करता था तो मुझे कॉलर पकड़कर घसीट दिया जाता था. इस बात पर मुझे बहुत गुस्सा आता था और दिल भी दुखता था.’
नवाज ने आगे बताया, ‘मैं यशराज फिल्म्स की इस मामले में तारीफ करना चाहूंगा क्योंकि वहां सभी लोग एक साथ खाना खाते हैं. लेकिन बहुत से प्रोडक्शन हाउस ने कैटेगिरी बना रखी है. नवाज की इस बात के सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर फैंस मुंबई फिल्म जगत के इस कल्चर को गलत बता रहे हैं.








