फिट रहने के लिए वर्कआउट जरूरी है. फिर आप वॉकिंग करें, जॉगिंग करें या जिम, शरीर को एक्टिव रखकर आप खुद को मजबूत बनाने के साथ साथ हेल्दी भी रख सकते हैं. लेकिन जब बात आती है कि वॉकिंग किया जाए या रनिंग, तो इसका जवाब वैज्ञानिक आधारों पर ही दिया जा सकता है. दरअसल, चलना और दौड़ना, दोनों ही कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज की कैटेगरी में आता है. इन दोनों में कौन ज्यादा बेहतर है यह बताना मुश्किल है.
वेबएमडी के मुताबिक, अगर आप कैलोरी को तेजी से बर्न करना चाहते हैं तो आपके लिए दौड़ना फायदेमंद हो सकता है. लेकिन अगर आप अपने वजन को हेल्दी और मेंटेन रखना चाहते हैं तो आपके लिए रेगुलर वॉक करना फायदेमंद रहेगा. वॉक करने के कई और भी फायदे होते हैं, लेकिन अगर आप फैट बर्न करने की सोच रहे हैं तो इसकी तुलना में दोगुना तेजी से दौड़कर वजन कम किया जा सकता है.
जब आप तेज चाल में वॉक करते हैं तो अक्सर लोग ये सोचते हैं कि वॉकिंग, दरअसल धीमी गति में दौड़ने जैसा है, लेकिन आपका बता दें कि वॉकिंग के दौरान आपका एक पैर हमेशा जमीन पर रहता है, जबकि दूसरा पैर हवा में. वहीं, जब आप दौड़ते हैं तो आपका दोनों पैर हवा में कुछ देर रहता है और आप हर बार जमींन पर लैंड करते हैं. जिसका असर बॉडी और वेट पर तीन गुना ज्यादा होता है.
हालांकि दौड़ने से ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा अधिक रहता है. बता दें कि ऑस्टियोआर्थराइटिस तब होता है जब आपकी हड्डियों के बीच का हिस्सा घिस जाता है और आपके जोड़ों में दर्द और सूजन हो जाती है. एक अन्य अध्ययन में ये पाया गया कि वॉकर्स की तुलना में रनर्स में हिप रिप्लेसमेंट और ऑस्टियोआर्थराइटिस का जोखिम कम था. शोधकर्ताओं का कहना था कि ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर पैदल चलने वालों की तुलना में दौड़ने वालों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कम होता है जिससे हड्डियों पर कम तनाव पड़ा.
शोधों में यह भी पाया गया है कि जो लोग अधिक दौड़ते हैं उनमें इंजूरी का खतरा काफी अधिक होता है, जबकि वॉक करने वालों में इंजूरी काफी कम होती है. यह पाया गया है कि 19 से 79 प्रतिशत धावक इंजूरी से जूझते हैं. इनमें 80 प्रतिशत रनर ओवरयूज इंजूरी से जूझते हैं. अगर इंजूरी पुरानी है तो इसकी वजह से घुटनों में इंजूरी, स्पाइन, स्ट्रेस फ्रैक्चर आदि का खतरा और भी हो जाता है. जबकि वॉक करने वालों में इंजूरी काफी कम देखने को मिली है.
हालांकि, दोनों ही कार्डियो का तरीका कई तरह से हमारे लिए अच्छा माना जाता है. अगर आप रेगुलर वॉक करते हैं या जॉगिंग या रनिंग करते हैं तो आप डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर जैसे खतरों को दूर रख सकते हैं. हालांकि यह जरूरी है कि आप समान कैलोरी बर्न करें और समय सीमा बनाकर वॉक करें या सावधानियों के साथ रनिंग करें, तभी फायदा आपको दोनों में मिलेगा.











