हिमाचल प्रदेश: आंखों के सामने 80 लाख का घर बन गया मलबा, फिर भी ड्यूटी पर चला गया पुलिस का जवान

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हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के बीच अब तक करीब 10 हज़ार करोड़ का नुकसान हो गया है जिसमें 12 हज़ार लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए और करीब 300 लोगों की मौत हो गई वहीं इस आपदा के बीच एक पुलिस जवान की जिंदादिली की मिसाल देखने को मिली। जिसके हौंसले को देख आप भी गर्व महसूस करेंगे कि हमारे देश में ऐसे अफसर भी है जो अपने कष्टों को छोड़ देश की सुरक्षा में दिन रात लगे हुए है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट में पूर्व फौजी और हिमाचल पुलिस के जवान का तीन मंजिला घर लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया और उनकी आंखों के सामने ही पूरा आशियाना ताश के पत्तों की तरह बिखर गया लेकिन इसके बावजूद वह शिमला में अपनी ड्यूटी देने चले गए।

बता दें कि मंडी जिले के सरकार टीह में 14 अगस्त को अशोक गुलेरिया का घर लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पूरा घर मलबे में बदल गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि मैं एक सप्ताह पहले ही छुट्टी पर गांव आया था। इस दौरान मेरी आंखों के सामने जमीन धंसने लगी और फिर मेरा तीन मंजिला और नई कार जमींदोज हो गए।

अशोक ने बताया कि आंखों के सामने उनका घर गिर गया लेकिन बाद में वह ड्यूटी पर चले गए। अशोक 17 साल से पुलिस विभाग में नौकरी कर रहे हैं। इससे पहले वह फौज में थे और रिटायरमेंट के बाद पुलिस विभाग ज्वाइन कर लिया था और दो साल पहले ही उन्होंने तीन मंजिला नया घर बनाया था, जो कि बारिश में बिखर गया।

परिवार में अशोक की पत्नी और दो बच्चें है। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी हो चुकी है और बेटा चंडीगढ़ में जॉब करता है। उन्होंने बताया कि करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है जिसमें 80 लाख रुपये मकान और नई खरीदी कार शामिल है। उन्होंने कहा कि हादसे का वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरह हो रहा है। हालांकि, उन्होंने बताया कि उनके परिजन सुरक्षित हैं।

हिमाचल आपदा की बात करें तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को कहा कि राजस्थान सरकार ने राज्य में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए आपदा राहत कोष में 15 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। इससे पहले छत्तीगढ़ ने 11 करोड़ रूपए की सहायता प्रदान की। उन्होंने विभिन्न संगठनों और जनता से इस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने का आग्रह किया ताकि प्रभावित लोगों को पर्याप्त सहायता प्रदान की जा सके।

 

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