
वन मंडल खैरागढ़ के तत्कालीन वन मंडलाधिकारी आलोक तिवारी व सत्यापन अधिकारी की मिलीभगत से एसी, फर्नीचर एवं अन्य मदों में किए गए भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत “तहलका पत्रिका” द्वारा शासन व मुख्य वन संरक्षक,क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग को सौंपी गई है। इस शिकायत के आधार पर,जांच समिति का गठन किया गया है।
इस जांच के दौरान “तहलका पत्रिका” द्वारा उठाए गए निम्नलिखित विशिष्ट बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने और मेरे समक्ष मेरा बयान दर्ज किया जाने लेख किया गया है ।
पी.डी खाता व समितियों के खातों से आहरण कर किये गये भ्रष्टाचार
व वित्तीय अनियमितताओं को
उजागर करने ये निम्न बिंदु महत्वपूर्ण एवं पर्याप्त हैं:
1. एसी (AC) और उनकी फिटिंग की खरीद में अनियमितता:
वन मंडल कार्यालय के लिए खरीदे गए एसी का मूल्य ₹55,000/- प्रति एसी दिखाया गया है, जबकि बाजार में इसकी कीमत बहुत कम है।
एसी की फिटिंग के लिए ₹8,000/- प्रति एसी का अतिरिक्त भुगतान किया गया है, जबकि सामान्यतः एसी की खरीद पर फिटिंग की सेवा विक्रेता द्वारा निःशुल्क दी जाती है।
इस खरीद के बाद, जीर्णोद्धार के नाम पर फिर से तीन एसी खरीदे गए, जिनकी कीमत ₹36,000/- थी, जो कि पिछली खरीद से कहीं कम है।
2. अलमारी और अन्य फर्नीचर की खरीद में अत्यधिक मूल्य दर्शाना:
अलमारी: तत्कालीन वन मंडलाधिकारी द्वारा 10 नग अलमारी (आकार: 78x36x19 इंच) ₹28,700/- प्रति नग की दर से खरीदी गई हैं। यह मूल्य बाजार मूल्य से बहुत अधिक है। इसी आकार और वजन (55 किलोग्राम) की अलमारी खैरागढ़ के स्थानीय विक्रेता (सिन्हा अलमारी निर्माता) के पास मात्र ₹8,000/- में उपलब्ध है। यह खरीद ए.जी. मार्केटिंग, बिलासपुर के कोटेशन पर की गई है, जिससे सीधे तौर पर अनियमितता का संदेह उत्पन्न होता है।
रिवॉल्विंग चेयर: ₹19,200/- प्रति नग की दर से तीन रिवॉल्विंग चेयर खरीदी गईं, जिनका कुल भुगतान जीएसटी सहित ₹68,376/- है। यह भी बाजार मूल्य से बहुत अधिक है।
स्टील टेबल, प्रीमियम चेयर और ट्रेनिंग रूम चेयर: इसी प्रकार, स्टील टेबल, प्रीमियम चेयर और ट्रेनिंग रूम चेयर की खरीद में भी अत्यधिक मूल्य दर्शाकर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है।
3. संयुक्त वन प्रबंधन समितियों की राशि का दुरुपयोग:
शिकायत के अनुसार, तत्कालीन वन मंडलाधिकारी ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (जैसे कि साल्हेवारा, गंडई, छुईखदान, घाघरा, चगुर्दा, कटेमा, लझना, गातापार) से जीर्णोद्धार के नाम पर राशि का आहरण किया है।
समिति की राशि का उपयोग गाँव के मूलभूत कार्यों के लिए होना चाहिए, लेकिन इसका दुरुपयोग वन मंडल कार्यालय के सभाकक्ष के जीर्णोद्धार में किया गया, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
4. विभागीय और पीडी खातों की राशि का दुरुपयोग:
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि गया है कि पीडी खाता, वन प्रबंधन समितियों के खाता से,व विभागीय मद से राशि का उपयोग अनुचित तरीके से किया गया है।
इसी राशि से एलईडी टीवी खरीदकर उसे टेबल की खरीद पर खर्च बताकर बिल लगाया गया है।

शिकायतकर्ता द्वारा अपने शिकायत पत्र में यह उल्लेख किया गया है की सभी बिंदुओं पर गहनता और सूक्ष्मता पूर्वक जांच की जाए। और मेरा बयान भी व्यक्तिगत रूप से लिया जाए ताकि मैं जांच में पूर्ण सहयोग कर सकूं और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकूं। साथ है जांच में दोष सिद्ध होने पर, दोषी पाये जाने वाले अधिकारी एवं कार्य सत्यापन अधिकारी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने के साथ-साथ, सरकारी राशि की वसूली की कार्यवाही भी की जाए।










