रायपुर/अभनपुर : अभनपुर थाना क्षेत्र में शासकीय वाहन से टायर चोरी के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान खुमान ध्रुव, निवासी नवा रायपुर के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ पहले से अभनपुर थाने में मामला दर्ज था.
मिली जानकारी के मुताबिक शासकीय वाहन से टायर चोरी की घटना के बाद अभनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी खुमान ध्रुव को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत कार्रवाई की गई. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. फिलहाल अभनपुर थाना पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किसी अन्य चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं.
18 माह में 1505 बाइक गायब, जब्ती सिर्फ 273, जीई रोड बना चोरों का सेफ जोन
रायपुर : राजधानी में वाहन चोरों पर पुलिस की पकड़ अभी भी कमजोर नजर आ रही है. पिछले डेढ़ साल के दौरान अलग-अलग इलाकों से 13.54 करोड़ रुपए की 1505 बाइक चोरी हो चुकी हैं. सार्वजनिक पार्किंग, मॉल, कॉम्प्लेक्स ही नहीं, घरों के भीतर घुसकर भी बाइक चोरी की जा रही है.
ज्यादातर मामलों में पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं. लेकिन आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं. पहले कई मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं होती थी. लेकिन पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद अब हर वाहन चोरी पर एफआईआर दर्ज की जा रही है. इसी वजह से इस बार दर्ज मामलों की संख्या ज्यादा दिखाई दे रही है. रायपुर ग्रामीण क्षेत्र में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं.
इन रास्तों से भाग रहे चोर: चोरी के बाद फरार होने के लिए चोर सबसे ज्यादा जीई रोड का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके अलावा डीडी नगर, सुंदर नगर और पंडरी मार्ग से भी शहर से बाहर निकल रहे हैं. चोरी ज्यादातर लोकल युवक ही कर रहे हैं.
ओडिशा-झारखंड में खपाई जा रही चोरी की बाइक चोरी के कुछ वाहनों को पहले यार्ड में ले जाकर काटा जाता है. फिर पार्ट्स या कबाड़ के रूप में बेचा जाता है. कई बाइक ओडिशा और झारखंड ले जाकर तस्करी समेत अन्य गतिविधियों में इस्तेमाल के लिए बेच दी जाती हैं. चोरी के फौरन बाद उनकी नंबर प्लेट बदल दी जाती है या फर्जी रजिस्ट्रेशन करा दिया जाता है. यही वजह है कि बाइक जब्त करने में मुश्किल होती है.
पैर के झटके व मास्टर की से तोड़ते हैं लॉक-
रायपुर कमिश्नरी और ग्रामीण क्षेत्र में बाइक चोरी का तरीका लगभग एक जैसा है। चोर पैर के तेज झटके से लॉक तोड़ देते हैं. इसके बाद वायर शॉर्ट कर बाइक स्टार्ट कर लेते हैं. कई आरोपियों के पास मास्टर-की भी रहती है. जिससे वे आसानी से लॉक खोलकर बाइक लेकर फरार हो जाते हैं.
पार्ट्स अलग, इसलिए नहीं मिल रही बाइक-
चोरी के बाद बाइक को पूरी बेचने के बजाय उसके अलग-अलग पार्ट्स निकालकर बेचा जा रहा है. चोर बाइक 10 से 15 हजार रुपए में बेच देते हैं. जबकि अच्छी हालत होने पर 30 हजार रुपए तक मिल जाते हैं. इंजन, टायर, सीट, मिरर व अन्य पार्ट्स अलग-अलग बेचने पर उन्हें ज्यादा कीमत मिल जाती है.
स्पेशल टीम कर रही जांच- डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस कमिश्नर
वाहन चोरी के मामलों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच की विशेष टीम बनाई गई है. टीम लगातार कार्रवाई कर रही है और वाहन चोरों की गिरफ्तारी की जा रही है.











