रिश्तों को किया शर्मसार : कलयुगी बेटे ने 65 वर्षीय लकवाग्रस्त पिता को लाठी से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, जान बचाकर भागी मां, आरोपी शिवचरण गिरफ्तार

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बिलासपुर/रतनपुर : बिलासपुर जिला में रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव (गिरजाबंद) में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. जिस बेटे को माता-पिता ने बुढ़ापे का सहारा समझकर पाला, उसी ने अपने 65 साल के लकवाग्रस्त पिता की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी. वारदात गुरुवार रात करीब 11 बजे हुई. हत्या के बाद आरोपी शिवचरण अपनी मां को भी मारने के इरादे से बहन के घर पहुंच गया. लेकिन पुलिस ने समय रहते पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि नवागांव (गिरजाबंद)में रहने वाले रिखी राम सूर्यवंशी उम्र 65 साल लंबे समय से पैरालिसिस से पीड़ित थे और बिस्तर पर ही रहते थे. उनका बेटा शिवचरण सूर्यवंशी उम्र 38 साल नशे का आदी बताया जा रहा है. वह आए दिन माता-पिता के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करता था.
गुरुवार रात शिवचरण नशे की हालत में घर पहुंचा. उसके आक्रामक रवैये को देखते हुए रिखी राम ने अपनी पत्नी को पास में रहने वाली बेटी के घर भेज दिया. ताकि वह सुरक्षित रहे. पत्नी के घर से निकलते ही आरोपित का गुस्सा अपने असहाय पिता पर टूट पड़ा. बताया जा रहा है कि पड़े-पड़े बड़बड़ाता रहता है कहते हुए उसने डंडे से पिता के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. गंभीर चोटों के कारण रिखी राम की मौके पर ही मौत हो गई.
पिता की हत्या के बाद भी शिवचरण का गुस्सा शांत नहीं हुआ. वह अपनी मां की तलाश में बहन के घर पहुंचा और दरवाजा तोड़ने की कोशिश करने लगा. घर के अंदर मौजूद स्वजन ने दरवाजा बंद कर लिया और फौरन पुलिस को खबर दी.
खबर मिलते ही रतनपुर थाना प्रभारी निलेश पांडे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया. घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने निरीक्षण कर अहम सबूत जुटाए. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पुलिस ने आरोपी शिवचरण के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपी को अदालत में पेश किया गया.
ग्रामीणों के मुताबिक शिवचरण का आपराधिक और हिंसक व्यवहार पहले से रहा है. करीब 15 दिन पहले ही वह जेल से छूटकर घर आया था. इससे पहले भी उसने शराब के नशे में अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट की थी और घर में आग लगा दी थी. उस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था. जेल से रिहा होने के महज 15 दिन बाद उसने अपने ही पिता की निर्मम हत्या कर दी.
दिल दहला देने वाली वारदात के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, ग्रामीणों का कहना है कि अगर आरोपी पर पहले ही सख्ती से कार्रवाई होती और उसकी नशे की लत पर नियंत्रण किया जाता, तो शायद एक बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी.
आरोपी
शिवचरण उर्फ पिंटू सूर्यवंशी पिता रिखीराम सूर्यवंशी उम्र 38 साल निवासी नवागांव, थाना रतनपुर, जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़

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