दो दिन से लापता 6 वर्षीय बच्चे का नाले में मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस, इधर आंगनबाड़ी से लौट रही मासूम बच्ची की गड्ढे में डूबने से मौत

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दो दिन से लापता 6 वर्षीय बच्चे का नाले में मिला शव
जगदलपुर : जगदलपुर के घोटिया थाना क्षेत्र के सुधापाल गांव में उस वक्त मातम और सनसनी फैल गई, जब दो दिन से लापता 6 साल के बच्चे का शव गांव के ही सुधापाल नाले से बरामद हुआ. शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी तादाद में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
घोटिया थाना प्रभारी वेदलाल नाग के मुताबिक सुधापाल निवासी लखेश्वर मौर्य उम्र 6 साल 19 अगस्त की सुबह मोहल्ले के कुछ बच्चों के साथ खेलने के लिए घर से निकला था. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. काफी देर तक बच्चे के घर नहीं पहुंचने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की. रिश्तेदारों और ग्रामीणों के साथ आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई.
लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. जब दिन भर तलाश के बावजूद बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को खबर दी. खबर मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदा बच्चे की तलाश शुरू की. पुलिस और ग्रामीणों की टीम आसपास के संभावित स्थानों पर बच्चे को खोजती रही.
गुरुवार सुबह गांव के कुछ लोग सुधापाल नाले की तरफ पहुंचे. इसी दौरान उनकी नजर नाले में पड़े एक बच्चे के शव पर गई. ग्रामीणों ने इसकी खबर पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया. पहचान किए जाने पर शव लखेश्वर मौर्य का निकला. बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

आंगनबाड़ी से लौट रहे दो बच्चे गड्ढे में डूबे. मासूम बच्ची की मौत
सरगुजा : सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा सामने आया है. आंगनबाड़ी केंद्र से घर लौट रहे दो बच्चे पानी से भरे गड्ढे में डूब गए. हादसे में 5 साल की बच्ची जया विश्वकर्मा की मौत हो गई. जबकि 6 साल के रीतिक की हालत नाजुक बनी हुई है. उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है. हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है. ग्रामीणों ने समय रहते दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। लेकिन एक बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी.
खेलते-खेलते पानी भरे गड्ढे में गिरे बच्चे
मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार को लुंड्रा के आंगनबाड़ी केंद्र में सेमरपारा के बच्चे पढ़ने पहुंचे थे. इसी दौरान आंगनबाड़ी केंद्र में बैठक होने की वजह से बच्चों की छुट्टी सामान्य समय से पहले कर दी गई थी. छुट्टी के बाद 5 साल की जया विश्वकर्मा और 6 साल का रीतिक खेलते-खेलते आंगनबाड़ी केंद्र से करीब 50 मीटर दूर निर्माणाधीन प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन के पास पहुंच गए. वहां बारिश की वजह से पानी से भरा गहरा गड्ढा बना हुआ था. खेलते समय दोनों बच्चे अचानक गड्ढे में गिर गए और पानी में डूबने लगे.
बच्चों के शोर मचाने पर पहुंचे मजदूर
हादसे के दौरान आसपास खेल रहे कुछ बच्चों ने दोनों को पानी में डूबते देखा। उन्होंने फौरन शोर मचाया। आवाज सुनकर निर्माणाधीन छात्रावास भवन में काम कर रहे मजदूर और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मजदूरों ने बिना देर किए पानी में उतरकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला. उस समय दोनों बच्चे बेहोशी की हालत में थे. ग्रामीणों ने दोनों को फौरन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद जया विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया. वहीं रीतिक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां उसका इलाज जारी है.
पुलिस ने शुरू की जांच
लुंड्रा थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र गए थे. वहां से खेलने के दौरान वे पानी से भरे गड्ढे के पास पहुंच गए और हादसे का शिकार हो गए. पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान दर्ज किए हैं. हादसे की जांच की जा रही है.
अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों को घर छोड़ने जाने का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है. जांच में शुरुआती तौर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका की लापरवाही सामने नहीं आई है. उन्होंने बताया कि सहायिका ने बच्चों के मोहल्ले में करीब डेढ़ साल के बच्चे की मां रीतू नाम की महिला को रेडी-टू-ईट सामग्री भी उपलब्ध कराई थी. जिसकी फोटो भी ली गई है. फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि निर्माणाधीन भवनों के आसपास बने खुले गड्ढों को सुरक्षित किया जाना चाहिए. ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

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