बालोद : उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज FIR का मुद्दा अब छत्तीसगढ़ की सियासत में भी राजनीतिक टकराव का नया बिंदु बनता दिखाई दे रहा है. इसी मामले के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घड़ी चौक से जयस्तंभ चौक तक मार्च करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया.
कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी द्वारा दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के साथ होने वाले सामाजिक भेदभाव और अन्याय के मुद्दे उठाए जाने के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज होना राजनीतिक प्रतिशोध की ओर संकेत करता है. वहीं कांग्रेस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सभास्थल के कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग उठाई.
FIR को राजनीतिक कार्रवाई बता रही कांग्रेस
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रखते रहे हैं. ऐसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए.
हिरवानी ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा और आरएसएस की कथित बहुजन विरोधी तथा संविधान विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि सामाजिक न्याय की आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है.
कांग्रेस का राजनीतिक तर्क साफ है—राहुल गांधी के खिलाफ FIR को वह महज एक कानूनी कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की राजनीति को दबाने के प्रयास के रूप में पेश कर रही है। इसी नैरेटिव को लेकर पार्टी अब सड़क पर विरोध दर्ज करा रही है.
खरगे प्रकरण को लेकर भी भाजपा पर निशाना
बालोद शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू ने मल्लिकार्जुन खरगे के कथित अपमान को व्यापक सामाजिक सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस इसे केवल एक व्यक्ति से जुड़ा मामला नहीं मानती। उनके मुताबिक, बहुजन समाज से आने वाले राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार सामाजिक असमानता की मानसिकता को दर्शाता है. कांग्रेस ने सभास्थल के कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान को इसी राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ में रखते हुए संबंधित भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR की मांग की है.
सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान
बालोद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी संविधान, सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों पर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि FIR से कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और पार्टी सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे को उठाएगी.
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर डर, दमन और मुकदमों के माध्यम से राजनीतिक विरोध को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान के मूल्यों को आधार बनाकर सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रखेगी.
बालोद में स्थानीय प्रदर्शन, लेकिन मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा
बालोद का यह प्रदर्शन संख्या या स्थानीय राजनीतिक गतिविधि से आगे बढ़कर कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा दिखाई देता है. राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR और खरगे से जुड़े कथित घटनाक्रम को कांग्रेस ने दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों के सम्मान तथा संवैधानिक अधिकारों के व्यापक मुद्दे से जोड़ दिया है.
दरअसल, कांग्रेस के लिए यह केवल एक FIR का विरोध नहीं है। पार्टी इस घटनाक्रम को भाजपा के खिलाफ अपने सामाजिक न्याय और संविधान संरक्षण के राजनीतिक नैरेटिव को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है. दूसरी तरफ भाजपा के सामने चुनौती यह है कि ऐसे आरोपों का राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर जवाब किस तरह दिया जाए.
इस तरह हल्द्वानी से शुरू हुआ विवाद बालोद तक पहुंचकर एक बार फिर इस बड़े राजनीतिक सवाल में बदलता नजर आ रहा है कि सामाजिक न्याय के मुद्दों पर राजनीतिक संघर्ष की सीमा कहां तक है और कानूनी कार्रवाई तथा राजनीतिक प्रतिशोध के बीच अंतर कैसे तय किया जाए.
ये रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस महामंत्री सतीश यादव, प्रवक्ता यज्ञदेव पटेल, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अनिल यादव, नेता प्रतिपक्ष कासिमुद्दीन कुरैशी, पार्षद विनोद बंटी शर्मा, निर्देश पटेल, दाऊद खान, अश्वनी गौतम, वैभव साहू, कमल टुवानी, विक्की पांडे, आदित्य दुबे, वैभव शर्मा, संतोष चौधरी, अनीस खान, रूपेश यादव, साधुराम पटेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे.
2026-08-31











