केंद्र सरकार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 2019 में हुए आतंकवादी हमले में शहीद जवानों में से करीब एक दर्जन की विधवाओं को उनकी संतान के 18 साल की आयु पूरा करने की प्रतीक्षा है ताकि वे सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकें।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना में शहीदों के 19 निकट परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जा चुकी है और तीन को नौकरी दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलवामा में एक फरवरी 2019 की आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए आतंकी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 कर्मियों की जान गयी थी। राय ने बताया कि 11 विधवाओं ने अपनी संतान के 18 साल का हो जाने तक प्रतीक्षा करने का निर्णय किया है ताकि वे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सके।









