बिल्डर ने कटे 1700 से ज्यादा पेड़, खामोश बैठा रहा वन विभाग के अफसर और पूरा अमला

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नवा रायपुर में बिल्डर ने 1700 से ज्यादा पेड़ काट दिए। इतने पेड़ कटने के दौरान वन विभाग के अफसर और पूरा अमला खामोश बैठा रहा। हैरानी की बात है कि इसमें ज्यादातर पेड़ वन विभाग के लगाए गए थे। करीब 10 साल पहले वन विभाग ने ही प्लांटेशन करवाया था। इसके बावजूद पूरा अमला तब स​क्रिय हुआ जब लोगों ने जिला प्रशासन के अफसरों से शिकायत की। कटे हुए पेड़ों को जब्त किया गया। अब पूरे मामले की जांच की बाद बिल्डर प्रकाश दावड़ा को 45 लाख जुर्माने का नोटिस जारी किया गया है।

वन विभाग के अफसरों का कहना है कि प्लांटेशन और रख रखाव में इतने साल जितना पैसा खर्च किया गया था, उसका​ हिसाब निकाला गया है। उसी के अनुसार बिल्डर से पैसे मांगे गए हैं। नवा रायपुर के नवागांव में करीब 10 साल पहले वन विभाग ने करीब 25 एकड़ राजस्व भूमि में प्लांटेशन किया था। उसी जमीन के पास बिल्डर प्रकाश दावड़ा की जमीन है।

प्लांटेशन के बाद बिल्डर ने सरकारी जमीन को भी अपने जमीन में शामिल कर घेरेबंदी कर ली थी। अभी बिल्डर ने अपनी निजी भूमि के अलावा राजस्व भूमि के प्लांटेशन को कटवा दिया। पेड़ कटवाने के अलावा बिल्डर ने राजस्व भूमि का भी समतलीकरण शुरू करवा दिया था। गांव के सरपंच को इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने शिकायत की। उसके बाद गुपचुप चल रहे खेल का भंडाफोड़ होने के साथ ही वन विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आई।

बड़े अफसर पर नहीं की कार्रवाई

नवा रायपुर में आला अफसरों का जहां रोज आना जाना होता है वहां अवैध कटाई का खुलासा होने पर डिप्टी रेंजर राजेश शुक्ला पर ही कार्रवाई की गई। बाकी किसी भी जिम्मेदार से जवाब तलब तक नहीं किया गया। अब आला अफसर कह रहे हैं कि वन विभाग का जितना पैसा खर्च हुआ था प्लांटेशन में उसे बिल्डर से वसूल किया जाएगा। विभाग में चर्चा है कि कुछ अफसरों की मिलीभगत के कारण ही बिल्डर ने वन विभाग के लगाए पौधों का काट दिया। वह कटे हुए पेड़ों को गाड़ियों में लादकर ले जा रहा ​था, तब प्रशासनिक अमला पहुंचा और गाड़ी व पेड़ों को जब्त करवाया गया।

 

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