भाजपा के विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ, ये हैं साय के 9 रत्न…

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रायपुर। आज छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार के मंत्रिमंडल का गठन हो गया। सीएम साय के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 9 विधायक राजभवन में शपथ ले ला है। सभी विधायकों को राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन मंत्री पद की शपथ दिलाई। जानें कौन है साय के नौ रत्न

पांचवीं बार मंत्री बनें हैं बृजमोहन अग्रवाल
आठवीं बार विधायक बने बृजमोहन अग्रवाल पांचवीं बार मंत्री बने हैं। अविभाजित मध्यप्रदेश में पटवा सरकार में मंत्री रहे, इसके बाद रमन सरकार के तीनों कार्यकाल में मंत्री रहे हैं। वहीं अब विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल के सदस्य बने हैं।

2023 विधानसभा चुनाव में बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी महंत रामसुंदर दास को रिकार्ड 67,919 मतों के अंतर से हराया। बृजमोहन अग्रवाल अविभाजित मध्य प्रदेश में भी पटवा सरकार में मंत्री का पद संभाल चुके हैं।

रामविचार नेताम को साय के मंत्रिमंडल में स्थान
लगातार छठवीं बार विधायक निर्वाचित हुए भाजपा के कद्दावर नेता रामविचार नेताम को विष्णुदेव साय के मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। मंत्री पद की शपथ लेने से पहले उन्हें नवगठित छठवीं विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर भी नियुक्त किया गया था।

बलरामपुर के ग्राम सनावल निवासी रामविचार नेताम राज्यसभा के सदस्य और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके है। पार्टी ने उन्हें इस बार रामानुजगंज विधानसभा सीट पर चुनाव मैदान में उतारा था। नेताम वर्ष 1990 से लगातार छठवीं बार विधायक हैं।

सरपंच पद से की राजनीतिक जीवन की शुरुआत
सरपंच के पद से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करते वाले दयालदास बघेल को विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल में सदस्य बने हैं। वर्ष 2003 में वे नवागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2008 एवं 2013 में भी विधायक चुने गए। वर्ष 2008 में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष भी रहे। रमन सिंह सरकार में वाणिज्य, उद्योग, सहकारिता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री रहे।

छात्र जीवन से ही राजनीति में हैं सक्रिय
नारायणपुर विधानसभा के विधायक केदार कश्यप ने विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल के सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण किया। पूर्व सांसद बलीराम कश्यप के बेटे केदार कश्यप छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं।

बस्तर ब्लॉक में जनपद सदस्य रह चुके केदार कश्यप 2003 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। 2008 में दूसरी एवं 2013 में तीसरी बार विधायक निर्वाचित हुए। 2003 में केदार कश्यप पहली बार विधायक निर्वाचित हुए।

2008 में विधायक निर्वाचित होने के बाद आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री रहे। 2013 में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछडा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली।

पहली बार मंत्री बने लखनलाल देवांगन
कोरबा विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक बने लखनलाल देवांगन पहली बार मंत्री बने हैं। लखनलाल ने पार्षद के तौर पर अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी। वर्ष 2005 में कोरबा नगर निगम के महापौर के रूप में चुने गए थे। आठ दिसंबर 2013 को देवांगन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बोधराम कंबर को हराकर कटघोरा से विधायक बने। इस दौरान डॉ. रमन सिंह की सरकार में संसदीय सचिव (राज्य मंत्री रैक) बने। इन्हें 2018 में हार का सामना करना पड़ा था।

श्याम बिहारी ने पहली बार ली मंत्री पद की शपथ
सरगुजा संभाग के मनेन्द्रगढ़ विधानसभा से दूसरी बार विधायक निर्वाचित श्याम बिहारी जायसवाल ने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। अविभाजित कोरिया जिले में भाजपा के बड़े चेहरे श्याम बिहारी जायसवाल पूर्व में जनपद पंचायत खड़गवां के अध्यक्ष भी रह चुके है। भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके जायसवाल ने वर्ष 2013 के चुनाव में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे।

आईएएस की नौकरी छोड़ आए राजनीति में
आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में अपनी पारी खेलने वाले ओपी चौधरी को साय कैबिनेट में जगह मिली है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी केवल 22 साल में सिविल सर्विसेस के लिए चुन लिए गए थे। 36 साल की उम्र में 2018 में रायपुर कलेक्टर रहते हुए नौकरी छोड़ी थी। ओपी चौधरी ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा अपने पैतृक गांव ब्यांग से ही पूरी की। खपरैल के स्कूल में ओपी चौधरी ने पढ़ाई की। इसके बाद हायर सेकेंडरी की शिक्षा में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से ओपी चौधरी ने स्वयं ही अपनी पढ़ाई पूरी की।पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से गणित, भौतिकी और इलेक्ट्रानिक्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए। पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में उनका चयन हुआ था।

राजनेता बनने से पहले शिक्षक थे टंकराम वर्मा
बलौदाबाजार विधायक टंकराम वर्मा ने भी आज राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली है। पेशे से शिक्षक रहे बलौदाबाजार से भाजपा विधायक टंकराम वर्मा ने एलएलबी किया है। ये पिछले 30 वर्षों से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। बलौदाबाजार जिला ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष थे।

पहली बार विधायक बनी लक्ष्मी राजवाड़े ने ली मंत्री पद की शपथ
भटगांव विधानसभा क्षेत्र से लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार विधायक निर्वाचित हुई हैं। अब वह मंत्री बन गई हैं। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत ग्राम वीरपुर की लक्ष्मी राजवाड़े पहली बार जनपद सदस्य के पद पर निर्वाचित हुई थीं। पिछले पंचायत चुनाव में उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जीता था। वर्तमान में जिला पंचायत सूरजपुर के सदस्य के अलावा वे भाजपा महिला मोर्चा सूरजपुर की जिला अध्यक्ष भी हैं।

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