सुनो 📣सुनो 📣सुनो📣…..
ANR, RDF, RDBF एवं वॉटर शेड मैनजमेंट के कार्यों का बहुत जल्द उच्चाधिकारियों के साथ तहलका पत्रिका की टीम पहुँचेगी धरातल पर
वन मंडल खैरागढ़ के धनवान वन परिक्षेत्र में करोडों के भ्रष्टाचार का खुलासा बहुत जल्द
करोड़ों का भ्रष्टाचार, काम धरातल पर शून्य! 🚨
📍 वन मंडल खैरागढ़ के वन परिक्षेत्र 👀 में भ्रष्टाचार की नई इबारत लिखी गई।
📍 मात्र 2 माह में करोड़ों की राशि डकारी गई, 4 सर्किलों में फर्जीवाड़े का खेल।
📍 शासन-प्रशासन मौन, भ्रष्टाचारी बेखौफ!
📍 बहुत जल्द होगा ‘बड़ा भांडाफोड़’, शिकायत पहुँच रही है ऊँचे पायदान तक।
📍 सावधान! अब जनता का पैसा डकारने वालों की खैर नहीं।
📍”तहलका पत्रिका” के पास 4 सर्किलों की कुंडली तैयार।
शासन-प्रशासन की नाक के नीचे ‘करोड़ों’ का खेल:
वन मंडल खैरागढ़ के एक कमाईपुत वन परिक्षेत्र में 60 दिनों में ‘साफ’ हो गई सरकारी तिजोरी!
वन मंडल खैरागढ़ के एक धनवान वन परिक्षेत्र में भ्रष्टाचार की दीमक ने सरकारी खजाने को किया खोखला । ताज्जुब की बात यह है कि यह सब कुछ शासन-प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।
महज दो महीने के भीतर ही करोड़ों की राशि कागजों पर ‘बुक’ कर दी गई है, जबकि धरातल पर काम ‘सिफर’ (शून्य) नजर आ रहा है।
4 सर्किलों में मचा है ‘लूट’ का तांडव
एक करोड़ोपति वन परिक्षेत्र के 4 प्रमुख सर्किलों में भ्रष्टाचार का ऐसा जाल बुना गया है, जिसका भांडाफोड़ “तहलका पत्रिका” द्वारा बहुत जल्द होने वाला है। यहाँ बिना काम किए ही फर्जी मस्टर रोल और बिलों के जरिए राशि का आहरण किया जा रहा है।
दो महीने की जादुई रफ्तार:
हैरानी इस बात की है कि जो काम साल भर में पूरे नहीं होते, उन्हें एक जादुई वन परिक्षेत्र के साहबों ने मात्र दो माह में कागजों पर मुकम्मल दिखा दिया।
करोड़ों की राशि का यह ‘बंदरबांट’ सीधे तौर पर उच्चाधिकारियों के संरक्षण की ओर इशारा कर रहा है।
अंधेर नगरी, चौपट राजा:
करोड़ों डकार कर ‘चमचमाती कारों’ का शौक!
कहने को तो वन विभाग पर्यावरण बचाने का जिम्मा संभालता है, लेकिन वन मंडल खैरागढ़ के एक खास परिक्षेत्र में इन दिनों ‘नोटों की हरियाली’ चरी जा रही है। दो महीने के भीतर करोड़ों के वारे-न्यारे करने वाले ये ‘साहब’ अब खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।
फर्जीवाड़े की गूँज अब दिल्ली तक पहुँचेगी, इन ‘सफेदपोश’ भ्रष्टाचारियों का रसूख और उनकी चमचमाती गाड़ियाँ धरी की धरी रह जाएँगी।
प्रशासन की खामोशी सवाल खड़े कर रही है—आखिर इस ‘लूट’ में किसका कितना हिस्सा है? बहुत जल्द होगा बड़ा खुलासा!
मचने वाला है “तहलका”
जंगल की ‘हरियाली’ में भ्रष्टाचार का दीमक
शासन-प्रशासन की नाक के नीचे भ्रष्टाचार का खेल अपने चरम पर है। ताजा मामला वन मंडल खैरागढ़ के एक वन परिक्षेत्र…..👀से सामने आया है, जहां विकास और संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर दिया गया।
रिकॉर्ड तोड़ ‘कागजी’ काम:
मात्र दो माह के भीतर बांस वनों का सुधार कार्य, भिर्रा कार्य व अन्य कार्य तथा समाग्री क्रय के लिए करोड़ों की राशि बुक कर दी गई। आश्चर्य की बात यह है कि जिस काम को पूरा होने में महीनों लगते हैं, उसे फाइलों में हफ़्तों में ‘पूर्ण’ दिखा दिया गया।
धरातल पर सन्नाटा:
कागजों पर जंगल लहलहा रहे हैं और बजट खर्च हो चुका है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके उलट है। मौके पर कार्य ही नही कराए गए हैं।
रातों-रात ‘चेक’ की बारिश:🌧️
सूत्रों के अनुसार, भांडाफोड़ होने के डर से अधिकारी और कर्मचारी रात भर दफ्तरों में डटे रहे और हड़बड़ी में करोड़ों रुपये के चेक काटकर बंदरबांट को अंतिम रूप दिया गया।
जांच के घेरे में 4 सर्किल:
उक्त वन परिक्षेत्र के 4 प्रमुख सर्किलों में हुए कार्यों का ऑडिट एवं ऑडिट उपरांत लगने वाली आपत्ति पर “तहलका पत्रिका” 👀 जमी हुई हैं।
“यह सिर्फ फंड की हेराफेरी नहीं है, बल्कि पर्यावरण के साथ किया गया एक बड़ा खिलवाड़ है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो जंगलों को बचाना मुमकिन ही नही नामुमकिन है।”










