हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हनुमान जी का जन्म हुआ था. इस साल हनुमान जयंती 6 अप्रैल को मनाई जाएगी. वहीं, कुछ लोग मानते हैं कि इनका अवतरण छोटी दीपावली को हुआ था. हनुमान जी के जन्मोत्सव पर हनुमान जी की विशेष पूजा उपासना करने का प्रावधान है. ऐसा करके हम अपने जीवन में आने वाली तमाम बाधाओं को दूर कर सकते हैं. इस दिन विशेष तरह के प्रयोगों से हम ग्रहों को भी शांत कर सकते हैं. शिक्षा, विवाह के मामले में सफलता, कर्ज और मुकदमे से मुक्ति के लिए यह दिन अति विशेष होता है. आइए जानते हैं कि हनुमान जयंती पर हनुमान जी के पूजन की सामग्री क्या है और पूजा का मुहूर्त क्या है.
हनुमान जयंती की आवश्यक सामग्री
सिंदूर, लाल फुल, लाल फुल की माला, जनेऊ, कलश, चमेली का तेल, लाल कपड़ा या लाल लंगोट, गंगाजल, कंकु, जल कलश, इत्र, सरसों तेल, घी, धुप-अगरबती, दीप, कपूर, तुलसी पत्र, पंचामृत, नारियल, पिला फूल, चन्दन, लाल चन्दन, फल, केला, बेसन का लड्डू, लाल पेड़ा, मोतीचूर का लड्डू, चना और गुड़, पान, पूजा की चौकी, अक्षत.
हनुमान जयंती पूजन विधि
व्रत से पहले एक रात को जमीन पर सोने से पहले भगवान राम और माता सीता के साथ-साथ हनुमान जी का स्मरण करें. अगले दिन प्रात: जल्दी उठकर दोबारा राम-सीता एवं हनुमान जी को याद करें. हनुमान जयंती प्रात: स्नान ध्यान करने के बाद हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प करें. इसके बाद, पूर्व की ओर भगवान हनुमानजी की प्रतिमा को स्थापित करें. विनम्र भाव से बजरंगबली की प्रार्थना करें. इसके बाद षोडशोपाचार की विधि विधान से श्री हनुमानजी की आराधना करें.
हनुमान जयंती शुभ मुहूर्त
इस साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि 05 अप्रैल को सुबह 09 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 06 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 04 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, इस बार हनुमान जयंती 06 अप्रैल को ही मनाई जाएगी.
हनुमान जयंती पूजन मुहूर्त
सुबह 06 बजकर 06 मिनट से 07 बजकर 40 मिनट तक
सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर में 12 बजकर 23 मिनट तक
दोपहर में 12 बजकर 23 मिनट से 01 बजकर 58 मिनट तक
दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक से 03 बजकर 32 मिनट तक
शाम 05 बजकर 07 मिनट से 06 बजकर 41 मिनट तक
शाम 06 बजकर 41 मिनट से रात 08 बजकर 07 मिनट तक










